बिहार: शराबबंदी पर नीतीश कुमार की नरमी, हटाए जाएंगे कड़े कानून
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शराबबंदी कानून में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शराबबंदी कानून में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई(फाइल फोटो: PTI)

बिहार: शराबबंदी पर नीतीश कुमार की नरमी, हटाए जाएंगे कड़े कानून

बिहार सरकार शराबबंदी कानून में ढील बरतने की तैयारी में है. कैबिनेट ने शराबबंदी कानून में संशोधन विधेयक को मानसून सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने कुल 33 प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें मंजूरी दी है. बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है.

नियमों में किस तरह के बदलाव होंगे

संशोधन में शराबबंदी कानून को लचीला बनाकर इसके कई कड़े प्रावधानों को खत्म किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, शराब बरामद होने पर घर, गाड़ी और खेत जब्त करने के प्रावधानों में नरमी बरती गई है. शराबबंदी कानून के तहत होने वाली सजा की अवधि को भी कम किया जा सकता है. कानून के दुरुपयोग के मामलों को रोकने के लिए भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं. कोई किसी को शराबबंदी कानून के तहत झूठे आरोपों में नहीं फंसा सके, इसका इंतजाम भी नये कानून में होगा.

संशोधन में शराबबंदी कानून के तहत सामूहिक जुर्माना खत्म करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी दी गई है. खबर है कि इस कानून को तोड़ने वाले उन लोगों की सजा खत्म कर दी जाएगी, जो 3 साल की सजा पूरी कर चुके हैं.

बता दें कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है. इसे सख्ती से लागू करने के लिए नीतीश सरकार ने ‘बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम’ विधानमंडल में पारित कराया था. लेकिन बाद में इसके कुछ प्रावधानों को कड़ा बताए जाने और इस कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विपक्ष की ओर से इसकी आलोचना की जाती रही है.

नीतीश ने दिए थे बदलाव के संकेत

नीतीश कुमार ने कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से यह घोषणा की थी कि राज्य के शराबबंदी कानून में जल्द संशोधन किया जाएगा. नीतीश ने कहा था कि शराबबंदी कानून के कई जगहों पर दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही हैं. बीते 11 जून को लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान शराबबंदी कानून में कुछ तब्दीली के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा था, "सरकार ने राज्य में पूरी ईमानदारी से शराबबंदी कानून को लागू किया है. इसमें कुछ कड़े प्रावधान हैं, इसके लिए कार्यक्रम में एक राय बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक की गई थी. इस कानून का दुरुपयोग न हो, इसके लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों की एक कमिटी बनायी है, जो अपनी रिपोर्ट के आधार पर जानकारी देगी कि इसमें क्या सुधार किया जा सकता है."

ये भी पढ़ें- नीतीश बोले- सिर्फ बिहार में BJP से गठबंधन, राष्ट्रीय स्तर पर नहीं

(यहां क्लिक कीजिए और बन जाइए क्विंट की WhatsApp फैमिली का हिस्सा. हमारा वादा है कि हम आपके WhatsApp पर सिर्फ काम की खबरें ही भेजेंगे.)

Follow our पॉलिटिक्स section for more stories.

    वीडियो