राजस्थान (Rajasthan) के राजनीतिक गलियारों में "लाल डायरी" को लेकर जारी सस्पेंस के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 27 जुलाई को दावा किया कि डायरी के रहस्य आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बर्बाद कर देंगे. इसके बाद इस पर पलटवार करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने इसे "काल्पनिक लाल डायरी" करार दिया. इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी को टमाटर और गैस सिलेंडर के बढ़ते कीमतों की भी याद दिलाई, जो जनता को प्रभावित कर रही है.
राजस्थान के सीकर में एक रैली को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने सीनियर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के "मोहब्बत की दुकान" नारे पर भी निशाना साधा.
पीएम मोदी ने कहा कि "लूट की दुकान, झूठ की दुकान" का नया उत्पाद लाल डायरी है. कहा जा रहा है कि इसमें कांग्रेस के भ्रष्टाचार के राज हैं. यह लाल डायरी चुनाव में कांग्रेस को बर्बाद कर देगी.
लाल डायरी के नाम पर कांग्रेस नेताओं को चुप कराया जा रहा है. लोकतंत्र में सरकार को अपने काम का हिसाब देना होता है, लेकिन जो चार साल तक सिर्फ सोती रहे, वह अपने काम का हिसाब कैसे देगी? इन लोगों ने आए दिन आपसी खींचतान और वर्चस्व की लड़ाई में शासन-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है.प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री ने नौकरी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर भी अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा.
अशोक गहलोत का पलटवार
पीएम नरेंद्र मोदी के बयानों पर पलटवार करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के एक प्रोग्राम में कहा कि
लाल डायरी एक कल्पना है, कोई लाल डायरी नहीं है. वह लाल डायरी देख सकते हैं, लेकिन लाल सिलेंडर और लाल टमाटर नहीं देख सकते. वह उन लोगों के चेहरे नहीं देख सकते जो महंगाई की वजह से लाल हो गए हैं. चुनाव में लोग उन्हें लाल झंडा दिखाएंगे.
राजस्थान की सियासत में सरगर्म 'लाल डायरी'
पिछले हफ्ते विधानसभा में नाटकीय घटनाओं के बाद लाल डायरी राजस्थान में चर्चा का विषय बनकर उभरी है. महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य सरकार की "विफलता" पर अपनी टिप्पणी के बाद हाल ही में बर्खास्त किए गए कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा एक लाल डायरी के साथ विधानसभा गए और उन्होंने दावा किया कि यह अशोक गहलोत को "बेनकाब" कर सकती है. इसके बाद उन्हें मार्शल द्वारा सदन से बाहर कर दिया गया.
राजनीतिक मौके को भांपते हुए बीजेपी ने दावा किया कि लाल डायरी में ऐसे राज हैं, जिनके खुलासे से कई नेताओं का राजनीतिक वजूद मिट सकता है.
राजेंद्र गुढ़ा की बयानबाजी से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं?
राजेंद्र गुढ़ा ने दावा किया है कि इस डायरी में सचिन पायलट के नेतृत्व में 2020 के विद्रोह के दौरान अपनी सरकार को बचाने के लिए विधायकों, निर्दलीय विधायकों और अन्य को गहलोत खेमे द्वारा किए गए भुगतान की डीटेल्स हैं.
डायरी में बीजेपी समर्थित निर्दलीय और मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस द्वारा भुगतान की भी जानकारी है.राजेंद्र गुढ़ा
कांग्रेस ने राजेंद्र गुढ़ा के दावों को खारिज करते हुए इसे मनगढ़ंत बताया है.
डायरी पर जंग के पहले ट्विटर पर जंग
नरेंद्र मोदी की गुरुवार की रैली PM ऑफिस और मुख्यमंत्री गहलोत के बीच सार्वजनिक झगड़े के बैकग्राउंड में आयोजित की गई थी, जब गहलोत ने आरोप लगाया था कि उनकी स्पीच को एक कार्यक्रम से हटा दिया गया था.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में अशोश गहलोत ने कहा कि वह केवल ट्विटर पर प्रधानमंत्री का स्वागत कर सकते हैं क्योंकि वीडियोकॉन्फ्रेंस के जरिए उनका भाषण रद्द कर दिया गया था.
सीएम गहलोत ने अपने ट्वीट में कहा कि
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, आज आप राजस्थान पधार रहे हैं. आपके कार्यालय PMO ने मेरा पूर्व निर्धारित 3 मिनट का संबोधन कार्यक्रम से हटा दिया है इसलिए मैं आपका भाषण के माध्यम से स्वागत नहीं कर सकूंगा अतः मैं इस ट्वीट के माध्यम से आपका राजस्थान में तहेदिल से स्वागत करता हूं.
मुख्यमंत्री ने राजस्थान के लिए अपनी मांगें भी रखीं. प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब देते हुए कहा कि अशोक गहलोत जी प्रोटोकॉल के अनुसार आपको विधिवत आमंत्रित किया गया था और आपका भाषण भी रखा गया था लेकिन आपके ऑफिस ने बताया कि आप शामिल नहीं हो पाएंगे. पीएम मोदी की पिछली यात्राओं के दौरान भी आपको हमेशा आमंत्रित किया गया है और आपकी गरिमामयी उपस्थिति भी रही है. आज के कार्यक्रम में भी आपका बहुत-बहुत स्वागत है. विकास कार्यों से जुड़ी पट्टिका पर आपका नाम भी प्रमुखता से अंकित है. हाल में आपको लगी चोट की वजह से अगर कोई शारीरिक परेशानी ना हो, तो कार्यक्रम में आप जरूर शामिल हों और इसकी शोभा बढ़ाएं.
इसके बाद अशोक गहलोत ने सबूत के तौर पर पत्र साझा किए कि उन्हें प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होना था, लेकिन आखिरी मिनट में योजना बदल गई.
अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री जी, आपके कार्यालय ने मेरे ट्वीट पर संज्ञान लिया परन्तु संभवत: उन्हें भी तथ्यों से अवगत नहीं करवाया गया है. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से भेजे गए प्रस्तावित मिनट टू मिनट कार्यक्रम में मेरा संबोधन रखा गया था. कल रात को मुझे पुन: अवगत करवाया गया कि मेरा संबोधन नहीं होगा.
मेरे कार्यालय ने भारत सरकार को अवगत करवाया था कि डॉक्टर्स की राय के अनुसार पैर में लगी चोट के कारण मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यक्रम में शामिल रहूंगा एवं मेरे मंत्रिगण कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. अभी भी मैं राजस्थान के हित के इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नॉन इनटरेक्टिव मोड पर शामिल रहूंगा. आपके संज्ञान के लिए पूर्व में प्राप्त मिनट टू मिनट एवं मेरे कार्यालय से भेजा गया पत्र साझा कर रहा हूं.अशोक गहलोत, सीएम, राजस्थान
राजस्थान के सीकर में किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अशोक गहलोत को कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन खराब स्वास्थ्य की वजह से वह नहीं आ सके. मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.
(क्विंट हिन्दी, हर मुद्दे पर बनता आपकी आवाज, करता है सवाल. आज ही मेंबर बनें और हमारी पत्रकारिता को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाएं.)