शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बार फिर एनडीए पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि जिस गठबंधन में शिवसेना और अकाली दल नहीं हैं, वे उसे एनडीए नहीं मानते.
राउत के मुताबिक, "शिवसेना और अकाली दाल एनडीए के मजबूत स्तंभ थे. शिवसेना को मजबूरन एनडीए से बाहर निकलना पड़ा और अब अकाली दल भी बाहर निकल गया. उन्होंने एनडीए को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पार्टी को अब नए साथी मिल गए हैं. लेकिन जिस गठबंधन में शिवसेना और अकाली दल नहीं शामिल है, मैं उसको एनडीए नहीं मानता."
केंद्रीय मंत्रिमंडल को छोड़ने के कुछ दिनों बाद, शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने शनिवार बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला किया था.
संजय राउत से फडणवीस की मुलाकात के मायने
संजय राउत और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेन्द्र फडणवीस की हाल ही में मुलाकात हुई है. महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय शिवसेना और बीजेपी आमने सामने हैं. अब इस मुलाकात के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
इससे पहले फडणवीस महाराष्ट्र सरकार पर राज्य में कोरोना टेस्टिंग के सुधार के लिए कई बार आवाज उठा चुके हैं. दूसरी ओर सरकार बनने के बाद यह पहली बार है कि संजय राउत और फडणवीस की तकरीबन दो घंटे की मुलाकात हुई.
हालांकि बीजेपी ने क्विंट हिंदी से बताया कि बतौर एडिटर संजय राउत सामना के लिए बिहार चुनाव पर फडणवीस का इंटरव्यू करना चाहते हैं. जिस कारण उनकी आपस में बातचीत चल रही है. इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए.
मुलाकात पर संजय राउत ने दी सफाई
शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को यह बयान दिया कि वह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस से कुछ मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिले थे. उन्होंने कहा कि फडणवीस महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री हैं.
इसके अलावा, वह महाराष्ट्र और बिहार में विपक्ष के नेता भी हैं. राउत ने आगे कहा "वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं." मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को हमारी बैठक के बारे में पता था. यह बैठक किसी बंकर में नहीं बल्कि खुले तौर पर हुई थी.
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