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इंदौर कलेक्टर पर डॉक्टरों से बदसलूकी का आरोप, CMHO का इस्तीफा

डॉक्टरों ने कहा है कि जब तक कलेक्टर मनीष सिंह को नहीं हटाया जाता है तो काम पर नहीं लौटेंगे

Updated
राज्य
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<div class="paragraphs"><p>6 मई को डॉक्टर अपनी मांग लेकर कमिश्नर दफ्तर पहुंचे</p></div>
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मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और एक दूसरे डॉक्टर ने अपना पद छोड़ने की धमकी दी है. डॉक्टरों का आरोप है कि जिला प्रशासन खासतौर से कलेक्टर मनीष सिंह ने उनके साथ सार्वजनिक रूप से अभद्रता की है. 6 मई को जिले के कई सारे डॉक्टर और बाकी स्वास्थ्यकर्मियों ने भी कलेक्टर को हटाए जाने की मांग की है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर 7 मई सुबह 8 बजे तक कलेक्टर को नहीं हटाया जाता है तो कामकाज नहीं करेंगे और 3 हजार से ज्यादा डॉक्टर सामुहिक रूप से इस्तीफा देंगे.

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पूर्णिमा गड़रिया और मेडिकल अफसर आरएस तोमर ने जिला कलेक्टर मनीष सिंह पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है और कलेक्टर के इस्तीफे की मांग की है. इनके साथ इनके सहयोगी डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी दिया है.

करीब 3000 डॉक्टरों ने कहा है कि जब तक कलेक्टर मनीष सिंह को नहीं हटाया जाता है तो काम पर नहीं लौटेंगे. डॉक्टरों ने कमिश्नर को इस बारे में प्रतिवेदन भी दिया है.

'सार्वजनिक रूप से चिल्लाना अच्छा नहीं लगता'

डॉ. गड़रिया का कहना है कि- 'ये अच्छा नहीं लगता है कि जब आप सार्वजनिक रूप से चिल्लाते हैं, इससे मानसिक तनाव होता है. वो भी तब जब आप लगातार मेहनत कर रहे होते हैं. मैं एक स्वास्थ्य अधिकारी हूं और मैंने पूरी ईमानदारी से अपना काम किया है.

वो सार्वजनिक रूप से लोगों के बीच कहते हैं- 'आप निठल्ले हैं और फ्री की तनख्वाह ले रहे हैं.' आप ये सब नहीं कह सकते हैं. ये स्वीकार नहीं किया जा सकता. उनकी बैठक में दोनों तरफ से बातें नहीं होती हैं, बल्कि सिर्फ वही बोलते रहते हैं.
डॉक्टर पूर्णिमा गड़रिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, इंदौर
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डॉक्टर अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभा रही थीं: कलेक्टर

दूसरी तरफ इंडिया टुडे से बात करते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने महिला अधिकारी के आरोपों को नकार दिया है. मनीष सिंह का कहना है कि टमहिला अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभा रही थीं और महामारी के वक्त में जनता के लिए मुसीबत बन रही थीं.

बता दें कि इंदौर पूरे मध्य प्रदेश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इंदौर में अब तक करीब 1,19,902 लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण हो चुका है. वहीं जिले में अब तक 1176 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मौत हो चुकी है.

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