क्या मनोहरलाल खट्टर ने ये कहा कि वो केवल पंजाबियों के सीएम हैं?
क्या मनोहरलाल खट्टर ने ये कहा कि वो केवल पंजाबियों के सीएम हैं?

क्या मनोहरलाल खट्टर ने ये कहा कि वो केवल पंजाबियों के सीएम हैं?

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. मैसेज में दावा है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जातिवाद की राजनीति करते हैं. मैसेज में लिखा है कि सीएम खट्टर ने दावा किया है कि वो पंजाबी हैं और सभी पंजाबियों को उन्हें वोट करना चाहिए.

दरअसल 16 दिसंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक सभा को संबोधित करते हुए मनोहरलाल खट्टर पर जाातिवाद की राजनीति करने काआरोप लगाया था. केजरीवाल ने इस सभा में बीजेपी की तरफ से अखबार में छपे एक विज्ञापन को कोट करते हुए कहा, “मनोहरलाल खट्टर ने दावा किया है कि वो केवल पंजाबी हैं और सभी पंजाबी उन्हें वोट करें.”

अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद अलग-अलग तरह की खबरें मीडिया में वायरल होने लगीं. 28 दिसंबर को एक अखबार में कुछ ऐसी हेडलाइन के साथ खबर छपी:

मैं केवल पंजाबियों का सीएम, बाकी जातियों से कोई लेना देना नहीं: खट्टर

इसके बाद यह मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी तादाद में इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं.

मामला सच या झूठ?

आपको बता दें कि वायरल मैसेज पूरी तरह से झूठ है. अखबार में छपे विज्ञापन की जो क्लिप वायरल हो रही है, उस विज्ञापन में पंजाबी लोगों से बीजेपी को वोट देने की अपील की गई है.

हरियाणा में म्युनिसिपल चुनाव में सभा को संबोधित करते हुए खट्टर पंजाबियों के काम करने के लिए अलग से ऑफिस बनाने की बात कही थी. द ट्रिब्यून के मुताबिक, सभा को संबोधित करते हुए में हरियाणा के सीएम खट्टर ने कहा था:

“मैं जातिवाद की राजनीति में यकीन नहीं रखता. बीजेपी सरकार के काम के आधार पर मैं आपसे विकास के नाम पर वोट करने अपील करता हूं. अगर आप जाति‍ के आधार पर वोट करना चाहते हैं, तो आप बीजेपी को वोट दीजिए. मैं भी एक पंजाबी हूं.”

एक लोकल न्यूज चैनल पर चली खबर की वीडियो क्लिप की पड़ताल क्विंट ने भी की. लेकिन हमें मनोहरलाल खट्टर का वो स्टेटमेंट नहीं मिला, जिसका दावा सोशल मीडिया पर हो रहा है.

अरविंद केजरीवाल ने सभा के संबोधित करते हुए जिस विज्ञापन का हवालाा दिया था, उस विज्ञापन में लिखा है, “52 सालों में पहली बार कोई पंजाबी मुख्यमंत्री बना है. अगर आपने कोई गलती की, तो फिर यह मौका अगले 60 साल तक नहीं आने वाला है.”

'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा पोल पैनल ने वादा किया है कि विज्ञापन में छपे कंटेंट की जांच होगी. कुछ गलत पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने आप कार्यकर्ता को किया गिरफ्तार

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विज्ञापन की फेक क्लिपिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में गुरुग्राम पुलिस नें आम आदमी पार्टी और इंडियन नेशलन स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है.

इस गिरफ्तारी पर सवाल खड़े करते हुए अरविंद रेजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, “ये कैसी तानाशाही है? खट्टर साहिब को पंजाबियों का मुख्यमंत्री कहने पर कल देर रात 70 युवाओं को गिरफ्तार कर लिया?”

इस तरह यह मामला हमारी पड़ताल में पूरी तरह से फेक निकला.

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