नोएडा के सभी पार्कों में नमाज पर पाबंदी का दावा कितना सच है?
सोशल मीडिया पर दावा है कि नोएडा के सभी पैर्कों में नमाज अदा करने पर पाबंदी लगा दी गई है.
सोशल मीडिया पर दावा है कि नोएडा के सभी पैर्कों में नमाज अदा करने पर पाबंदी लगा दी गई है.(फोटो: क्विंट)

नोएडा के सभी पार्कों में नमाज पर पाबंदी का दावा कितना सच है?

उत्तर प्रदेश के नोएडा में नमाज पढ़ने से जुड़ी पाबंदी को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. मैसेज में दावा है कि नोएडा पुलिस ने नोएडा के सभी पार्कों में जुमे की नमाज अदा करने पर पाबंदी लगा दी है.

नोएडा के सभी पार्कों में नमाज अदा करने पर पाबंदी की खबर कई मीडिया संस्थान हेडलाइन के साथ चला रहे हैं. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट पर इस खबर की हेडलाइन है :

न्यूज 18 की साइट पर ऐसी हेडलाइन लिखी गई है
न्यूज 18 की साइट पर ऐसी हेडलाइन लिखी गई है
(फोटो: Screenshot from News18 Hindi) 

इंडिया टुडे की साइट पर ऐसी ही हेडलाइन लिखी गई कि नोएडा के पार्कों में अब नहीं अदा की जाएगी नमाज.

पार्कों में नमाज की पाबंदी पर इंंडिया टु़डे ने भी गलत हेडलाइन बनाई
पार्कों में नमाज की पाबंदी पर इंंडिया टु़डे ने भी गलत हेडलाइन बनाई
(फोटो: Screenshot from india today) 

सुदर्शन टीवी के एडिटर सुरेश चौहान ने तो ट्विटर पर दावा किया कि पूरे राज्य में जुमे की नमाज पार्कों में अदा करने पर पाबंदी लगा दी गई है.

फेसबुक पर शेयर कई पोस्ट में यहां तक दावा किया गया कि योगी सरकार ने नोएडा के पार्कों में नमाज अदा करने पर पाबंदी लगा दी है.

(फोटो फेसबुक से स्क्रीनशॉट)

दावा सच या झूठ?

नोएडा के सभी पार्कों में नमाज अदा करने पर पाबंदी का दावा पूरी तरह गलत है. नोएडा पुलिस के नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि केवल सेक्टर 58 के पार्क में नमाज पर रोक लगाई गई है.

नोटिस में कहा गया है कि सेक्टर 58 के इस पार्क में न केवल नमाज, बल्कि सभी तरह के धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है.

नोएडा पुलिस के नोटिस की कॉपी
नोएडा पुलिस के नोटिस की कॉपी
(फोटो: ANI)

पुलिस के नोटिस में लिखा है:

“नोएडा के सेक्टर 58 के पार्क में जुमे की नमाज पढ़ने के साथ-साथ किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन करने की अनुमति नहीं है.”

नोटिस में आगे लिखा है:

“हमें कंपनियों से उम्मीद है कि वो अपने कर्मचारियों को इस बात से अवगत कराए कि कोई भी सेक्टर 58 के पार्क में नमाज पढ़ने के लिए न जाए. अगर कोई कर्मचारी नमाज पढ़ने जाता है तो ऐसा समझा जाएगा कि कंपनी ने अपने कर्मचारी को अवगत नहीं कराया. यह आपकी व्यक्तिगत कंपनी की जिम्मेदारी है.”

नोटिस सभी धर्मों के लिए है

25 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्ट्रेट बीएन सिंह और सीनियर सुप्रिडेंटेंडऑफ पुलिस अजय पाल ने कहा था कि यह ऑर्डर किसी खास धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है.

'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक, मजिस्ट्रेट बीएन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के 2009 के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा, ”किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले आपको लैंड ऑनर से परमिशन लेनी पड़ेगी. यह पार्क नोएडा अथॉरिटी के अंदर आता है और नोएडा अथॉरिटी ने किसी को भी यहां कोई धार्मिक कार्य करने की इजाजत नहीं दी है, फिर भी यहां लंबे समय से नमाज पढ़ी जा रही है.”

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