रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

यूजर्स ने फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, “इस देश में कानून केवल गरीब लोगों के लिए है.”

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वेबकूफ
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रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने एक रोते शख्स की फोटो और वीडियो शेयर किया है, जिसका रिक्शा प्रशासन जब्त कर लेता है. इस फोटो के साथ यूजर्स ने दावा किया कि ये घटना भारत में हुई है.

ये घटना असल में बांग्लादेश के ढाका में हुई थी, जब रिक्शावाला फजलुर रहमान के रिक्शा को ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन ने जब्त कर लिया था.

रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

दावा

यूजर्स ने फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, "इस देश में कानून केवल गरीब लोगों के लिए है." ट्वीट में यूजर ने कई नेताओं को भी टैग किया है.

रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

कई यूजर्स ने इस घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है.

रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है
रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है
रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

क्विंट को ये सवाल उसकी WhatsApp हेल्पलाइन पर भी मिला.

हमें जांच में क्या मिला?

ये घटना असल में बांग्लादेश के ढाका की है, न कि भारत की.

फोटो के रिवर्स इमेज करने पर हमें बांग्लादेश की न्यूज साइट, bdnews24 का 5 अक्टूबर 2020 की एक फोटो स्टोरी मिली.

फोटोग्राफर आसिफ मोहम्म ओव ने इस फोटो को खींचा है, जिसके कैप्शन में लिखा है, "सोमवार को DSCC इविक्शन ड्राइव में रिक्शा जब्त किए जाने के बाद रिक्शा चलाने वाले फजलुर रहमान को राजधान के जिगतला इलाके में रोते देखा गया. फजलुर, जिसकी महामारी के दौरान नौकरी चली गई, ने पैसे उधार लेकर 15 दिनों पहले ही बैटरी से चलने वाला ये रिक्शा लिया था."

आप रिक्शा को उठाते बुलडोजर पर 'ढाका साउथ सिटी' लिखा भी देख सकते हैं.

रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

इसके अलावा, हमें बांग्लादेश के न्यूज चौनल जमुना टीवी के यूट्यूब चैनल पर ये वायरल वीडियो भी मिला. चैनल के बूम माइक को वायरल वीडियो में भी देखा जा सकता है.

वीडियो का टाइटल बंगाली में लिखा है, जिसका मतलब है, "अपने गले में फंदा डाल लूंगा; एक रिक्शा चलाने वाले का दर्द."

रोते रिक्शावाले का वीडियो भारत का नहीं, बांग्लादेश का है

इस घटना को bdnews24 ने अपने यूट्यूब चैनल पर भी रिपोर्ट किया था.

ढाका ट्रिब्यून ने भी रिपोर्ट किया था कि DSCC ने ढाका के जिगतला इलाके में बैटरी वाले रिक्शा को हटाया.

जहां ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, बांग्लादेश की ग्रॉसरी रिटेल कंपनी, Shwapno ने रिक्शेवाले की मदद करते हुए उसके लिए दो रिक्शा खरीदे, जिसकी मदद से वो होम डिलीवरी दे पाए.

इससे साफ होता है कि सोशल मीडिया पर बांग्लादेश की एक घटना को भारत का बताकर शेयर किया जा रहा है.

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