ट्रंप-किम की तरह भारत-पाक भी शुरू करें शांति वार्ता: शाहबाज शरीफ
शाहबाज शरीफ का भारत पर अपने आप में यह हैरान करने वाला बयान है.
शाहबाज शरीफ का भारत पर अपने आप में यह हैरान करने वाला बयान है.(फोटो: ट्विटर)

ट्रंप-किम की तरह भारत-पाक भी शुरू करें शांति वार्ता: शाहबाज शरीफ

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई और पीएमएल-एन प्रमुख शाहबाज शरीफ ने कहा है कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच ऐतिहासिक सिंगापुर शिखर वार्ता से प्रेरित होते हुए भारत और पाकिस्तान को भी शांति वार्ता फिर से शुरू करनी चाहिए.

अपने बड़े भाई नवाज शरीफ के उलट शाहबाज शरीफ का ये बयान हैरान करने वाला है.

विवादों को सुलझाने की पैरोकारी

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे शाहबाज शरीफ ने कहा कि ट्रंप और किम के बीच मंगलवार को हुई शिखर वार्ता दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी पड़ोसी देशों के लिए मिसाल होनी चाहिए.

शाहबाज शरीफ ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कोरियाई युद्ध के शुरू होने के बाद से दोनों देश एक-दूसरे की राह में रोड़े अटकाते रहे हैं. दोनों एक-दूसरे के खिलाफ अपने परमाणु हथियारों के साथ सैन्य बल के इस्तेमाल की धमकी देते रहे हैं. अगर अमेरिका और उत्तर कोरिया परमाणु विषय पर विवाद के मुहाने से लौट सकते हैं, तो इसकी कोई वजह नहीं है कि पाकिस्तान और भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकते. इसकी शुरुआत कश्मीर पर बातचीत से हो''

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच दशकों के तनावपूर्ण संबंधों के बाद मंगलवार को ऐतिहासिक घटनाक्रम के तहत दोनों देशों के नेता सिंगापुर में शिखर वार्ता के लिए मिले, जहां उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने अमेरिका की ओर से सुरक्षा गारंटी के बदले ‘पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण’ की दिशा में काम करने का वादा किया.  

एक और ट्वीट में शाहबाज ने कहा, ‘‘यह समय हमारे क्षेत्र में व्यापक शांति वार्ता का है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए. कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता फिर से शुरू होनी चाहिए, ताकि कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत हल किया जा सके.''

पाकिस्तान के कई राजनीतिज्ञों का मानना है कि नवाज शरीफ को पद से हटाने के पीछे भारत के साथ संबंधों को सामान्य करने के उनके प्रयास भी एक वजह थे. शाहबाज ने कहा, ‘‘अमेरिका और उत्तर कोरिया की वार्ता पाकिस्तान और भारत के लिए आदर्श होनी चाहिए. अगर वे एक-दूसरे के खिलाफ हमले करने की अपनी पहले की स्थिति से पीछे हट सकते हैं तो पाकिस्तान और भारत भी बातचीत बहाल कर सकते हैं.''

(इनपुट: भाषा)

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