भारत से ट्रैवल बैन के फैसले पर आलोचना के बाद नरम पड़ा ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने हाल ही में किया था यात्रा प्रतिबंधों के उल्लंघन पर सजाओं का ऐलान

Published
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन
i

कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित भारत से लोगों के ऑस्ट्रेलिया में आने पर रोक लगाने वाले फैसले को वापस लेने के दबाव का सामना कर रहे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने मंगलवार को कहा कि इसकी संभावना बहुत कम है कि यात्रियों को पांच साल जेल की सजा हो या उन पर 66000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगे. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इस बात की जानकारी दी है.

मॉरिसन ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि यह कहना उचित होगा कि इन सजाओं के कहीं भी उनके सबसे चरम रूपों में लागू होने की संभावना है, लेकिन यह एक तरीका है, यह सुनिश्चित करके का कि हम वायरस को वापस आने से रोक सकें.''

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने हाल ही में अपने नागरिकों समेत उन लोगों के देश लौटने पर रोक लगा दी, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया वापस आने से पहले भारत में 14 दिन बिताए हैं.

सरकार ने धमकी दी थी कि ऐसे लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा और पांच साल तक की जेल की सजा या 66000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा. सीएनएन के मुताबिक, यात्रियों पर प्रतिबंध 15 मई तक चलेगा, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है.

इस फैसले को लेकर मॉरिसन ने कहा था कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और बहुत मुश्किल फैसला है. उन्होंने कहा था, “ यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि हमारे यहां ऑस्ट्रेलिया में (COVID-19) की तीसरी लहर ना आए और हमारी पृथकवास व्यवस्था मजबूत बनी रहे.”

ऑस्ट्रेलियाई मानवाधिकार आयोग से लेकर मॉरिसन की अपनी पार्टी के नेताओं तक ने इस फैसले की आलोचना की है.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!