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चीन में Monkey B से पहली मौत हुई, कितना घातक है वायरस?

Monkey B Virus सबसे पहली बार 1932 में आइसोलेट किया गया था

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चीन में Monkey B से पहली मौत हुई, कितना घातक है वायरस?
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कोरोनावायरस (coronavirus) संक्रमण से पूरी दुनिया परेशान है. चीन के वुहान से शुरू हुए कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन आ गई है लेकिन नए वैरिएंट्स चिंता का सबब बने हुए हैं. इसी बीच चीन में मंकी बी वायरस (Monkey B Virus) की पहली मानव संक्रमण मौत की पुष्टि हुई है. जिस वेटरनरी डॉक्टर की मौत हुई है, वो चीन के पहले मंकी बी (BV) मानव संक्रमण केस थे.

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ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, 53 साल के वेटरनरी डॉक्टर ने मार्च की शुरुआत में दो मृत बंदरों की चीरफाड़ की थी. डॉक्टर एक ऐसे इंस्टीट्यूट के लिए काम कर रहे थे, जो नॉन-ह्यूमन प्राइमेट पर रिसर्च कर रहा था.

डॉक्टर में मितली और उल्टी जैसे लक्षण देखे गए थे. हालांकि, उनके परिजनों में कोई लक्षण नहीं हैं और वो कथित रूप से सुरक्षित हैं.

खबरों के मुताबिक वेटरनरी डॉक्टर ने कई अस्पतालों में इलाज कराया था और 27 मई को उनकी मौत हुई.

BV संक्रमण का पहला केस

ग्लोबल टाइम्स में कहा गया कि ये चीन में BV का पहला घातक और क्लिनिकली रिकॉर्ड हुआ संक्रमण है. रिसर्चर्स ने अप्रैल में डॉक्टर का सेरिब्रोस्पाइनल फ्लुइड इकट्ठा किया था और उन्हें BV संक्रमित पाया था. उनके करीबी लोगों का टेस्ट रिजल्ट नेगेटिव आया था.

चीनी अखबार में कहा गया कि मंकी बी वायरस सबसे पहली बार 1932 में आइसोलेट किया गया था. ये एक अल्फाहर्पीजवायरस है. ये सीधे संपर्क और शारीरिक स्राव के संपर्क में आने से फैल सकता है और इसकी मृत्यु दर 70-80 फीसदी है.

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