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भारत और अमेरिका के बीच डिजिटल टैक्स पर बनी आम सहमति

ये सुधार ऐसा कर ढांचा प्रदान करेगी जो ग्लोबल इकॉनमी की जरूरतों को पूरा करने के लिए निष्पक्ष, स्थिर और सुसज्जित हो.

Published
<div class="paragraphs"><p>प्रतीकात्मक तस्वीर</p></div>
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वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका 1 अप्रैल से ई-कॉमर्स सप्लाई पर समान कर (Equilisation Levy) या डिजिटल कर पर एक ट्रांजिशनल दृष्टिकोण के लिए सहमत हुए हैं. इंटरनेशनल टैक्स सिस्टम में बड़े सुधार के लिए इस साल 8 अक्टूबर को भारत सहित 136 देशों ने ग्लोबल टैक्स मानदंडों में बदलाव के लिए सहमति व्यक्त की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मल्टीनेशनल कंपनियां जहां कहीं भी काम करती हैं वो न्यूनतम 15 प्रतिशत की दर से करों का भुगतान करती हैं. यूएस के डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी की ओर से कहा गया,

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"संयुक्त राज्य अमेरिका मौजूदा भारत समान कर से नए बहुपक्षीय समाधान में परिवर्तन के लिए अपने समझौते की भारत की घोषणा का समर्थन करता है और दोनों देश इस मामले पर रचनात्मक बातचीत के माध्यम से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

ये सुधार एक ऐसा कर ढांचा प्रदान करेंगे जो 21वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए निष्पक्ष, अधिक स्थिर और बेहतर ढंग से सुसज्जित हो.

कुल मिलाकर, यह राजनीतिक समझौता हमारे एक साथ काम करने की प्रतिबद्धता को बताता है ताकि एक आम सहमति तक पहुंचा जा सके और उन सुधारों पर बात हो सके जो हमारी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं और पब्लिक फाइनेंस का समर्थन करने में मदद करती हो.

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