बच्चों के लिए क्यों इतना Hungry है हंगरी? तीसरी संतान पर लोन माफ!
प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन के साथ सेल्फी लेता उनका फैन
प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन के साथ सेल्फी लेता उनका फैन(फोटो: ट्विटर)

बच्चों के लिए क्यों इतना Hungry है हंगरी? तीसरी संतान पर लोन माफ!

हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने देश के आयकर में छूट देने का एक अनोखा तरीका निकाला है. प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि जो भी महिलाएं तीन या ज्यादा बच्चे पैदा करेंगी, उन्हें आजीवन इनकम टैक्‍स नहीं देना होगा.

प्रधानमंत्री विक्टर ने देश के अप्रवासी लोगों से निर्भरता हटाने को लेकर ऐसी घोषणा की है.

क्यों की प्रधानमंत्री ने ऐसी घोषणा?

अन्य यूरोपीय देशों की तुलना में हंगरी में प्रति महिला औसत बच्चों की संख्या काफी कम है. रिपोर्ट के मुताबिक, हंगरी की जनसंख्या में हर साल 32 हजार की कमी आ रही है. हंगरी के राइट विंग समर्थक, मुस्लिम देशों से आ रहे शरणार्थियों का विरोध करते रहे हैं. प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन भी इसी विचारधारा से संबंध रखते हैं. वो इस बात का लगातार विरोध करते रहे हैं.

अधिक बच्चे पैदा करने का तर्क भी इसी सोच का नतीजा जान पड़ता है. ये कदम उन्होंने देश की जनसंख्या को बढ़ाने के मकसद से उठाया है.

अप्रवासी लोगों को लेकर यूरोपीय देशों की सोच

रविवार को राजधानी बुडापेस्ट में विक्टर ऑर्बन अपने 'स्टेट ऑफ द नेशन' के संबोधन में कहा कि यूरोप में लोग अप्रवासियों को सस्ते मजदूर के रूप में देखते हैं. उन्होंने कहा कि ये घटती जनसंख्या का उपाय नहीं हो सकता है. अपने सात-सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा करते हुए ऑर्बन ने कहा कि अप्रवासी शरणार्थियों से इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता है.

हमें सिर्फ जनसंख्या नहीं चाहिए, हमें हंगेरियन बच्चे चाहिए.
विक्टर ऑर्बन, प्रधानमंत्री, हंगरी

क्या है प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन की 7 सूत्री घोषणा में खास

  • नवविवाहितों को 26 लाख रुपये का ब्याजमुक्त कर्ज, तीन बच्चे होते ही कर्ज माफ
  • घर खरीदने के लिए विशेष सब्सिडी
  • सात सीट वाली गाड़ी खरीदने में परिवार को सरकारी मदद
  • स्वास्थ्य संबंधित खर्चे में 2.5 अरब डॉलर का अतिरिक्त मदद
  • पहली बार शादी कर रही है 40 साल से कम उम्र की महिला को बहुत कम ब्याज पर लोन

पूरी दुनिया में सबसे अधिक बच्चे पैदा करने की दर पश्चिमी अफ्रीकी देश और नाइजर की महिलाओं का है. वहां प्रति महिला 7 से अधिक बच्चे हैं. यूरोप में फ्रांस में ये दर सबसे अधिक है. फ्रांस में प्रति महिला लगभग दो बच्चे हैं.

हंगरी में ये दर पूरे यूरोप में सबसे कम है. जहां अन्य यूरोपीय देशों में यह दर औसतन प्रति महिला 1.58 है, वहीं हंगरी में प्रति महिला 1.48 बच्चे हैं.

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