प्रयागराज में कुंभ का आगाजः शाही अंदाज में हुआ संतो का नगर प्रवेश
प्रयागराज में कुंभ  का आगाजः शाही अंदाज में हुआ संतो का नगर प्रवेश
(फोटोः विक्रांत दुबे/क्विंट हिंदी)

प्रयागराज में कुंभ का आगाजः शाही अंदाज में हुआ संतो का नगर प्रवेश

इलाहाबाद यानी कि प्रयागराज में कुंभ मेले का आगाज हो चुका है. बुधवार को जूना अखाड़े के संतों ने हाथी-घोड़ों और बैंड बाजों के बीच शाही अंदाज में नगर प्रवेश किया. साधू- संतों का शाही जुलूस काफी लंबा था. रथों और चांदी के हौदों पर सवार महामंडलेश्वर और दूसरे गोल्डन बाबा इस जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहे.

देखिए- कुंभ मेले में पहुंचने वाले साधु-संतों के शाही जुलूस की तस्वीरें

शाही अंदाज में हुआ कुंभ मेले का आगाज

 गाजे- बाजे,हाथी- घोड़ों के साथ शाही अंदाज में  संतों का शहर में प्रवेश के दौरान पब्लिक ने फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया.
गाजे- बाजे,हाथी- घोड़ों के साथ शाही अंदाज में संतों का शहर में प्रवेश के दौरान पब्लिक ने फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया.
(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

संतों के नगर प्रवेश के साथ ही कुंभ की अनौपचारिक शुरुआत

जुलूस में सबसे आगे घोड़ों पर सवार होकर ढोल पीटकर लोगों को अपने आगमन का सन्देश देते नागा सन्यासी थे तो उनके पीछे जूना अखाड़े के आराध्य भगवान दत्तात्रेय की स्थापितमूर्ति थी. अखाड़े की धर्म ध्वजा भी इस शाही जुलूस में शान से लहरा रही थी.
जुलूस में सबसे आगे घोड़ों पर सवार होकर ढोल पीटकर लोगों को अपने आगमन का सन्देश देते नागा सन्यासी थे तो उनके पीछे जूना अखाड़े के आराध्य भगवान दत्तात्रेय की स्थापितमूर्ति थी. अखाड़े की धर्म ध्वजा भी इस शाही जुलूस में शान से लहरा रही थी.
(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

चांदी के हौदों में बैठकर पहुंचे साधु-संत

कुंभ मेले का आगाज-शाही अंदाज़ में संतो का नगर प्रवेश,गोल्डन बाबा पर चमकी आंखे
कुंभ मेले का आगाज-शाही अंदाज़ में संतो का नगर प्रवेश,गोल्डन बाबा पर चमकी आंखे
(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

यात्रा में गोल्डन बाबा रहे आकर्षण का केंद्र

(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

शाही जुलूस में सबकी नजरें सोने के आभूषणों से लदे गोल्डन बाबा पर ही टिकी रही.

बैंड-बाजों की धुन के बीच साधु-संतों का शाही नगर प्रवेश

(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

सैकड़ों वर्ष पुरानी परम्परा को निभाते हुए जूना अखाड़े के सन्यासियों के कुम्भ मेला आगमन को शाही अंदाज देने के लिए देश के कई हिस्सों से बैंड पार्टियां बुलाई गई थी.

हाथी, घोड़े और ऊंटों पर सवार होकर पहुंचे साधु संत

(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

संत हाथी -घोड़ों और ऊंट पर जयकारे लगातेहुए सवार थे तो महामंडलेश्वर और दूसरे संत पदानुसार रथों पर रखे चांदी के हौदों पर थे

(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

जूनाअखाड़े के करीब एक हज़ार साधू- संत अब संगम क्षेत्र में ही रुककर अखाड़े के लिए मेले का इंतजाम करेंगे. यही लोग धर्म ध्वजा स्थापित करेंगे और अखाड़े की पेशवाई की भी व्यवस्था करेंगे.अखाड़े की पेशवाई 25 दिसंबर को निकलेगी.

(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

जूना अखाड़े के इन साधुओं का शाही प्रवेश देखने के लिए शहर में जगह- जगह लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी.

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जूना अखाड़े के नगर प्रवेश को लेकर लोगों में इतना उत्साह और श्रद्धा होती है कि जुलूस गुजरने के बाद सड़क की धूल घर में पूजा के लिए रखने की परम्परा है.

(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)
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(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)
(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)
(फोटोः विक्रांत दुबे/ क्विंट हिंदी)

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि हम सबका यही प्रयास होना चाहिए कि प्रयागराज का कुंभ सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो. राज्यपाल ने स्थानीय जनता से आह्वान किया कि प्रयागवासी कुंभ मेले में आने वाले लोगों का स्वागत उसी तरह करें जैसे शादी में बारातियों का स्वागत किया जाता है.

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