कोरोनवायरस: क्या देश में पर्याप्त संख्या में टेस्ट हो रहे हैं?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में भी इस महामारी की स्टेज थ्री आएगी, तो क्या इस स्टेज में जाने से बचने के लिए टेस्ट की संख्या बढ़ानी चाहिए? इसी पर है आज का बिग स्टोरी पॉडकास्ट. 
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में भी इस महामारी की स्टेज थ्री आएगी, तो क्या इस स्टेज में जाने से बचने के लिए टेस्ट की संख्या बढ़ानी चाहिए? इसी पर है आज का बिग स्टोरी पॉडकास्ट.  फोटो: क्विंट हिंदी 

कोरोनवायरस: क्या देश में पर्याप्त संख्या में टेस्ट हो रहे हैं?

WHO ने दुनियाभर के देशों से अपील की है कि कोरोनावायरस की महामारी को नियंत्रित करने के लिए बड़े लेवल पर टेस्ट करें. साउथ कोरिया में हर रोज 20,000 सैंपल की जांच हो रही है. अमेरिका में भी जांच हो रही है लेकिन धीमी रफ्तार को लेकर आलोचना हो रही है फिर भी वह हर रोज हमसे ज्यादा सैंपल टेस्ट कर रहा है.

अमेरिका में सेंटर फॉर डिजीज कण्ट्रोल एंड प्रिवेंशन के डाटा के मुताबिक, यूएस में मार्च के महीने में 25,000 सैंपल्स जमा किए गए, और 4400 कंफर्म केस पाए गए हैं. इटली के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल प्रोटेक्शन के मुताबिक, 134000 टेस्ट हुए हैं, और 28000 कंफर्म केस पाए गए.

अब भारत के आंकड़ों पर नजर डालते हैं. अभी तक हमारे देश में 11,500 लोगों को टेस्ट किया जा चुका है. टेस्टिंग उन्हीं लोगों की हो रही है जो प्रभावित देशों से लौट रहे हैं. या उन लोगों की भी हो रही है जो ऐसे लोगों के साथ संपर्क में आए हों.

क्या इन्फेक्टेड केसेस के कम संख्या इस लिए दिख रही है क्योंकि भारत में हर रोज उतने टेस्ट नहीं हो रहे जितने होने चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में भी इस महामारी की स्टेज थ्री आएगी, तो क्या इस स्टेज में जाने से बचने के लिए टेस्ट की संख्या बढ़ानी चाहिए? आज बिग स्टोरी पॉडकास्ट में हम  इसी पर बात करेंगे

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