2021 की सबसे बड़ी खुशखबरी- आ गई वैक्सीन, लेकिन क्यों उठ रहे सवाल?

स्वदेशी कोवैक्सीन को ‘बैक अप’ के तौर पर अप्रूवल मिलने का क्या मतलब है?

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स्वदेशी कोवाक्सीन को ‘बैक अप’ के तौर पर अप्रूवल मिलने का क्या मतलब है?
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रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
सीनियर डेस्क राइटर: वैभव पालिनिटकर
म्यूजिक: बिग बैंग फज

पिछले साल की सबसे बड़ी खबर रही है कोरोनावायरस. हेल्थ केयर से लेकर इकनॉमी तक कोविड-19 ने हमारे सिस्टम को हिलाकर रख दिया. लेकिन अब साल 2021 की शुरुआत उम्मीदभरी खबर के साथ हो रही है. नए साल के शुरुआती दिनों मे ही हमें वो खबर सुनने को मिल गई जिसका हम कई महीनों से इंतजार कर रहे थे. ये खबर है भारत में वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी. अब भारत में दो वैक्सीन के इस्तेमाल को ग्रीन सिग्नल मिल गया है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने Covishield और Covaxin वैक्सीन के लिमिटेड इमरजेंसी यूज की मंजूरी का ऐलान किया है. तो अब अगर कोरोना वायरस से सुरक्षा का कवच पाना है तो लोगों को इन दोनों वैक्सीन में से किसी एक की दो खुराकें लेनी होंगी.

लेकिन इस वैक्सीन अप्रूवल में कुछ संशय भी हैं जिस पर सवाल उठ  रहे हैं. संशय ये है कि जो भारत बायोटेक की बनाई वैक्सीन कोवैक्सिन है उसे एक बैक-अप वैक्सीन के तौर पर ही अप्रूवल मिला है.

'बैक-अप' वैक्सीन? ये क्या होता है? आप को  पॉडकास्ट में इसी के बारे में बतायंगे. इतना ही नहीं, इस वैक्सीन का अभी क्लीनिकल ट्रायल भी पूरा नहीं हुआ है. तो ये सवाल भी दिमाग में आता है कि क्या आम जनता पर सीधे आजमाने के लिए क्या ये वैक्सीन तैयार है? क्या ट्रायल पूरा होने तक का इंतजार नहीं कर सकते? इन सभी सवालो के जवाब आज इस पॉडकास्ट में एक्सपर्ट् से पूछेंगे.

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