दिल्ली हिंसा- पुलिस की चार्जशीट भी ‘कटघरे’ में क्यों?

दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां हमें एल्गार परिषद् मामले की याद दिलाती हैं.

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पॉडकास्ट
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दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक्टिविस्ट उमर खालिद को गिरफ्तार कर लिया है.
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रिपोर्ट: फ़बेहा सय्यद
गेस्ट: आदित्य मेनन, पोलिटिकल एडिटर, क्विंट
वॉइस ओवर: वैभव पलनीटकर
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज

इस साल फरवरी में हुई दिल्ली हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस अब लगातार चार्जशीट दायर कर रही है. पिछले दिनों इन्हीं चार्जशीट को लेकर कई गिरफ्तारियां भी हुईं. लेकिन अब दिल्ली पुलिस की एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कुछ ऐसे बड़े नामों का जिक्र किया गया है, जिनमें ज्यादातर एक्टिविस्ट हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस ने इसी मामले में JNU के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट उमर खालिद को भी UAPA के तहत गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली हिंसा की जांच में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, इकनॉमिस्ट जयती घोष समेत कई बड़े नाम हैं. लेकिन पुलिस की इन चार्जशीट्स में कई ऐसी चीजें भी हैं, जो एक दूसरे से मेल नहीं खाती हैं. जिन तारीखों में ट्रंप के दौरे के वक्त दंगे फैलाने की साजिश का जिक्र किया गया है, उन तारीखों तक तो ट्रंप के दौरा का ऐलान भी नहीं हुआ था. इस पूरे मामले पर आज इस पॉडकास्ट में बताया गया है. साथ ही पॉडकास्ट में सुनिए क्विंट के पोलिटिकल एडिटर, आदित्य मेनन से जो बता रहे हैं कि कैसे दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां हमें एल्गार परिषद् मामले की याद दिलाता है.

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