DU में 100% तक कटऑफ, क्या नंबरों से ही तय होगी काबिलियत?

क्या बोर्ड में दिए गए मार्क्स ही बच्चों की काबिलियत का सही आकलन है?

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पॉडकास्ट
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क्या बोर्ड में दिए गए मार्क्स ही बच्चों की काबिलियत का सही आकलन है?
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रिपोर्ट: फबेहा सय्यद
इनपुट्स: एंथोनी रोजारियो
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज

डीयू के अच्छे कॉलेज में एडमिशन के सपनों पर आसमान को छूती हुई कट-ऑफ लिस्ट ने पानी फेर दिए हैं. 10 अक्टूबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपनी पहली कट-ऑफ जारी कर महामारी से  जुझते हुए छात्रों के पसीने छुड़ा दिए हैं. वैसे तो दिल्ली यूनिवर्सिटी अपनी हाई कट-ऑफ के लिए बहुत मशहूर है, लेकिन एक रिकॉर्ड जो इस साल टूटा है वो है DU के लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) का अब तक की सबसे ज्यादा कट-ऑफ निकालना, जो है 100%. वो भी तीन सब्जेक्ट्स - इकनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस और साइकोलॉजी में. LSR के अलावा हिंदू कॉलेज, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, मिरांडा जैसे कॉलेजों का भी यही हाल है.

आज DU की पहली कट ऑफ पर बात तो होगी ही, साथ ही ये भी जानेंगे कि क्या बोर्ड में दिए गए मार्क्स ही बच्चों की काबिलियत का सही आकलन है?

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