मनु भाकर का खेलमंत्री पर तंज,कहा-इनाम सच में मिलेगा या सिर्फ जुमला
मनु भाकर का खेलमंत्री पर तंज,कहा-इनाम सच में मिलेगा या सिर्फ जुमला
(फोटो: कामरान अख्तर/ द क्विंट)

मनु भाकर का खेलमंत्री पर तंज,कहा-इनाम सच में मिलेगा या सिर्फ जुमला

यूथ ओलंपिक में शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने के तीन महीने बाद भी ‘गोल्डन गर्ल’ मनु भाकर, हरियाणा सरकार की ओर से घोषित इनाम के अपने 2 करोड़ रुपयों का इंतजार कर रही हैं.

मनु भाकर ने अक्टूबर, 2018 में अर्जेंटीना में हुए यूथ ओलंपिक के 10 मीटर एयर पिस्टल ईवेंट में गोल्ड जीता था. इसके साथ ही वो भारत की सबसे कम उम्र की शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ी बन गई थी.

उनके जीत के तुरंत बाद ही हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने ट्वीट करते हुए ये वादा किया था कि राज्य सरकार की तरफ से मनु भाकर को 2 करोड़ की ईनाम राशि दी जाएगी.

(फोटो: स्क्रीनशॉट ट्विटर)

खेल मंत्री अनिल विज ने ये भी लिखा था कि, पहले की सरकारों में ये राशि सिर्फ 10 लाख होती पर अब इसे बढ़ाकर 2 करोड़ कर दिया गया है.

अब आते हैं तीन महीने बाद की बात पर जब 4 जनवरी को मनु ने ट्वीट कर खेल मंत्री से सवाल पूछा. मनु भाकर ने अनिल विज के ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा, ‘सर, प्लीज कंफर्म करें, अगर ये सही है तो....या फिर सिर्फ जुमला है.’

द क्विंट से बात करते हुए, मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने अपनी बेटी की नाराजगी पर खुलकर बताया.

7 सितंबर को, मनु के गोल्ड जीतने से बहुत पहले हरियाणा सरकार ने ये नोटिफिकेशन जारी किया था. जिसमें ये लिखा था कि जीतने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली राशियों में संशोधन किया गया है.

(फोटो: रामकिशन भाकर)

इस नोटिफिकेशन में ये साफ साफ लिखा था जो राशि पहले 10 लाख थी, उसे यूथ ओलंपिक में गोल्ड मेडल विजेताओं के लिए बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

27 दिसंबर को सरकार ने इसमें फिर से संशोधन किया और सरकार ने 2 करोड़ की राशि को बिना चिन्हित किए ही 1 करोड़ में बदल दिया, जबकि नए संशोधन के बाद 1 करोड़ वाली राशि को 10 लाख में बदल दिया गया.

(फोटो: रामकिशन भाकर)

इस संशोधन के बावजूद मनु को उनसे वादा की हुई राशि नहीं मिली.

अगर आपने हमें 2 करोड़ रुपये देने का वादा किया था, तो उसे पूरा करें. अगर आप ऐसा नहीं करते तो माफी मांगें. अपने खिलाड़ियों का इस तरह बिना किसी जानकारी के पॉलिसी बदल कर से अपमान न करें. अगर आप अपने किए वादों को पूरा नहीं कर सकते तो वादा भी मत कीजिए. मुद्दों का राजनीतिकरण न करें.
रामकिशन भाकर, मनु भाकर के पिता

हरियाणा के खेल मंत्री की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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