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Tasnim Mir:पैसों की कमी से बैडमिंटन छोड़ रही थीं,अब हैं वर्ल्ड नंबर-1

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन की विश्व जूनियर रैंकिंग के अनुसार, तसनीम मीर वर्तमान में 10,810 अंकों के साथ टॉप पर हैं.

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<div class="paragraphs"><p>Tasnim Mir:पैसों की कमी से बैडमिंटन छोड़ रहीं थी,अब वर्ल्ड नंबर 1 हैं तसनीम मीर</p></div>
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पिछले दशक में भारतीय खेलों में बैडमिंटन का तेजी से विकास हुआ है. साइना नेहवाल और पीवी सिंधु की पसंद से प्रेरित होकर, खेल में कई नई प्रतिभाएं सामने आई हैं. अब एक नया नाम तसनीम मीर (Tasnim Mir) हाल ही में जूनियर स्तर पर दुनिया की नंबर-1 बैडिमिंटन खिलाड़ी बनने के बाद सुर्खियों में है.

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कौन हैं तसनीम मीर?

गुजरात के मेहसाणा में जन्मी और पली-बढ़ी तसनीम को उसके पिता ने 7 साल की उम्र में खेल से उन्हें परिचित कराया था. तसनीम मीर के पिता खुद बैडमिंटन कोच हैं और मेहसाणा पुलिस में काम करते हैं. हालांकि वो पिछले चार सालों से गुवाहाटी में असम बैडमिंटन अकादमी में स्टारलेट इंडोनेशियाई कोच एडविन इरियावान से ट्रेनिंग ले रही है. उन्होंने बुल्गारिया, फ्रांस और बेल्जियम में कई खिताब जीते, जिससे वह विश्व रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गई.

छोटी उम्र में ही कई उपलब्धियां 

जूनियर स्तर पर उनकी उपलब्धियां उल्लेखनीय है. उन्होंने महज 14 साल की उम्र में अंडर-19 राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप जीत लिया था. उन्होंने अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-19 लड़कियों के सिंगल्स भी जीते. ट्राफियों की अपनी सूची में शामिल करते हुए, तस्नीम मीर ने 2018 में हैदराबाद और नागपुर में अखिल भारतीय सब-जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में अंडर -15 सिंगल्स और डबल्स के खिताब जीते.

साल 2019 उनके लिए भी उतना ही शानदार रहा. हालाँकि वह रूस में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में 32 के दौर से आगे नहीं बढ़ सकी. लेकिन वह अंडर -15 जूनियर चैंपियनशिप और इंडोनेशिया में एशियाई अंडर -17 चैंपियनशिप में विजयी हुई.

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) की विश्व जूनियर रैंकिंग के अनुसार, वह वर्तमान में 10,810 अंकों के साथ टॉप पर हैं.
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छोटी सी उम्र में ही एक दौर ऐसा भी आया था जब तसमीन बैडमिंटन छोड़ना चाहती थीं. तसमीन ने इंडिया टुडे से बातचीक में बताया कि,

एक समय ऐसा भी था जब मेरे पिता ने मेरा खेल बंद करवाने का सोच लिया था, लेकिन स्पॉन्सरशिप के बाद मेरा खेल फिर शुरू हुआ. और आज मैं इस मुकाम पर पहुंच पायी हूं.’

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