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Google, Apple में कर सकेंगे निवेश, NSE के प्लेटफार्म से कैसे लगा सकते हैं पैसा?

डिपॉजिटरी, बैंक और ब्रोकर्स ने प्रस्तावित प्लेटफॉर्म पर काम शुरू कर दिया है. इसके बहुत जल्द लॉन्च होने की उम्मीद है.

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<div class="paragraphs"><p>NSE-IFSC&nbsp;की मदद से अब बहुत जल्द आम निवेशक अमेरिकन कंपनियों के शेयर खरीद- बेच पाएंगे.</p></div>
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गुजरात की गिफ्ट सिटी में स्थित NSE-IFSC (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर) प्लैटफार्म की मदद से अब बहुत जल्द आम निवेशक गूगल, एप्पल, अमेजन जैसी अमेरिकन कंपनियों के शेयर खरीद- बेच पाएंगे. NSE IFSC नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की सब्सिडियरी कंपनी है.

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भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने कहा कि IFSC न केवल भारतीय निवेशकों को अतिरिक्त निवेश का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि निवेश की पूरी प्रक्रिया को आसान और कम लागत पर उपलब्ध करायेगा.

कैसे कर सकेंगे निवेश?

निवेश करने के लिए आपको गिफ्ट सिटी में NSE रजिस्टर्ड ब्रोकर से अपना डीमेट अकाउंट खोलना होगा. NSE ने बताया है कि निवेशक गिफ्ट सिटी में खोले गए अपने खुद के डीमैटरियलाइज्ड खातों में डिपॉजिटरी रसीदें रख सकेंगे और खरीदे गये स्टॉक से संबंधित कॉर्पोरेट लाभ प्राप्त करने के हकदार होंगे. इसके अतिरिक्त, इन ट्रेडों को एनएसई IFSC के इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क के तहत कवर भी किया जाएगा.

US लिस्टेड शेयरों की पूरी प्रक्रिया ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट और होल्डिंग IFSC अथॉरिटी के रेगुलेशन के देखरेख में होगी.

NSE IFSC के लिए यह एक इनोवेटिव और महत्वपूर्ण माइल स्टोन होगा, जो मौजूदा ग्राहकों से परे एक्सचेंज के प्रोडक्ट कवरेज का विस्तार करेगा.
विक्रम लिमये, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर, NSE, प्रेस स्टेटमेंट में

कितना करना होगा निवेश?

NSE ने अपने फ्रेमवर्क में बताया है कि NSE-IFSC रिटेल इन्वेस्टर को अमेरिकी स्टॉक्स के शेयर का फ्रैक्शन (हिस्सा) खरीदने की भी सुविधा देगा. इससे आप ज्यादा दाम वाले स्टॉक के लाखवें हिस्से जितना छोटा हिस्सा भी खरीद सकेंगे.

उदहारण: अमेजन के एक शेयर का दाम 3340 डॉलर है और आप केवल आधा शेयर खरीदना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको 1670 डॉलर का निवेश करना होगा.

RBI के लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के अनुसार रिटेल निवेशक US स्टॉक्स में ज्यादा से ज्यादा हर वित्त वर्ष 2.5 लाख डॉलर यानी ₹1.86 करोड़ निवेश कर सकेंगे.

कब से कर सकेंगे निवेश?

एक्सचेंज ने कहा कि डिपॉजिटरी, बैंक और ब्रोकर्स ने प्रस्तावित प्लेटफॉर्म पर काम करना शुरू कर दिया है. NSE IFSC जल्द ही ऑपरेशनल डिटेल जारी करेगा. इसके बहुत जल्द लॉन्च होने की उम्मीद है.

अमेरिकी शेयरों की खरीद-बिक्री घरेलू निवेशकों के बीच लोकप्रिय है. वर्तमान में, कई घरेलू ब्रोकरेज अपने विदेशी समकक्षों के साथ टाई-उप करके इसकी सुविधा देती हैं.

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