‘डेटा लीक’: फेसबुक यूजर्स को अकाउंट प्राइवेसी मजबूत करने की सलाह

भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने एडवाइजरी जारी कर दी सलाह

Updated
फेसुबक से बड़े पैमाने पर ‘डेटा लीक’ की रिपोर्ट
i

भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने सलाह दी है कि फेसबुक यूजर अपनी अकाउंट प्राइवेसी मजबूत कर लें. यह सलाह हडसन रॉक की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसके मुताबिक, फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले करीब 61 लाख भारतीयों के नाम और फोन नंबर जैसे व्यक्तिगत ब्योरे ऑनलाइन ‘लीक’ हुए हैं और उनको हैकिंग से जुड़े मंचों पर डाला गया है.

इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने कहा है, ''फेसबुक प्लेटफॉर्म के विकसित होने के साथ, आपके अकाउंट के कुछ हिस्से सार्वजनिक हो सकते हैं. डेटा को उन तरीकों से कलेक्ट और शेयर किया जा सकता है, जिसके बारे में आपको पता नहीं है.''

एडवाइजरी में कहा गया है, ‘’फेसबुक के मुताबिक, जिस जानकारी में सेंध लगी है उसमें वित्तीय जानकारी, स्वास्थ्य जानकारी या पासवर्ड शामिल नहीं हैं, हालांकि वैश्विक स्तर पर 450 मिलियन से ज्यादा यूनिक फेसबुक प्रोफाइलों की जानकारी, जिनमें लगभग 61 लाख भारतीय व्यक्ति शामिल हैं, को सार्वजनिक रूप से कई साइबर आपराधिक मंचों पर मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है.’’

CERT-In ने कहा कि फेसबुक ने दावा किया है कि यह 'डेटा स्क्रैपिंग' प्लेटफॉर्म के "कॉन्टैक्ट इंपोर्टर" फीचर का इस्तेमाल करके हुई, जो यूजर्स को फोन नंबर का इस्तेमाल कर दूसरे यूजर्स को को खोजने की अनुमति देता है, फेसबुक ने कहा था कि सितंबर 2019 में यह फीचर बदल दिया गया था.

एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि फेसबुक ने सलाह दी है कि यूजर यह सुनिश्चित कर लें कि उनकी प्राइवेसी सेटिंग्स दिखाती हों कि वे किस जानकारी को सार्वजनिक रूप से शेयर करना चाहते हैं और वे किसे फोन नंबर का इस्तेमाल कर उनको देखने की अनुमति देते हैं.

एडवाइजरी में कहा गया है कि फेसबुक ने यूजर्स को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को चालू रखने की भी सलाह दी है.

हडसन रॉक की रिपोर्ट से क्या सामने आया था?

हाल ही में हडसन रॉक के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एलन गाल ने कहा था कि दुनियाभर में फेसबुक के करीब 53.3 करोड़ यूजर का व्यक्तिगत ब्योरा कथित तौर पर ऑनलाइन लीक हो गया है और उसे मुफ्त में हैकिंग मंचों पर डाल दिया गया, इनमें से करीब 61 लाख यूजर भारत के हैं.

गाल ने ट्विटर पर लिखा था, ‘‘53.3 करोड़ फेसबुक रिकॉर्ड को मुफ्त में लीक कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अगर आपका फेसबुक अकाउंट है, तो इस बात की काफी आशंका है कि इस अकाउंट के लिए इस्तेमाल फोन नंबर लीक हो गया है.’’

ट्वीट में कई देशों के फेसबुक यूजर्स की संख्या का जिक्र किया गया है, जिनका ब्योरा कथित तौर पर सार्वजनिक हुआ है. इनमें 3.23 करोड़ अमेरिका, 1.15 करोड़ ब्रिटेन और 73 लाख ऑस्ट्रेलिया के हैं.

इस बारे में फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह पुराना आंकड़ा है जिसकी जानकारी 2019 में मिली थी. हमने इस मुद्दे को अगस्त, 2019 में हल कर लिया था.’’

गाल ने बताया कि 2020 की शुरुआत में एक खामी सामने आई थी, इसके जरिये फेसबुक अकाउंट से जुड़े फोन नंबर को देखा जा सकता था, इसका इस्तेमाल कर दुनियाभर के फेसबुक यूजर्स के डेटा को लीक किया गया है.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Published: 
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!