WhatsApp ही नहीं,फेसबुक-Gmail समेत इन ऐप पर हो सकता है पैगेसस अटैक
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर(फोटो: iStock)

WhatsApp ही नहीं,फेसबुक-Gmail समेत इन ऐप पर हो सकता है पैगेसस अटैक

इन दिनों पैगेसस स्पाइवेयर काफी चर्चा में है. इस चर्चा की शुरुआत तब हुई, जब फेसबुक के मालिकाना हक वाली मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर पैगेसस के हमले की खबरें सामने आईं.

वॉट्सऐप के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में 20 देशों में उसके करीब 1400 यूजर पैगेसस साइबल हमले का निशाना बने. फेसबुक ने इस मामले में पैगेसस स्पाइवेयर बनाने वाली इजरायली कंपनी NSO के खिलाफ सैन फ्रांसिस्को के फेडरल कोर्ट में मुकदमा दायर किया है.

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पैगेसस को इस दुनिया के सबसे खतरनाक जासूसी/सर्विलांस सॉफ्टवेयर में से एक माना जा रहा है. यह एंड्रॉयड और iOS दोनों तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम वाले डिवाइसों में सेंधमारी कर सकता है. यह स्पाईवेयर डिवाइस में मौजूद डेटा और पासवर्ड में तो सेंध लगा ही सकता है, इसके जरिए हैकर डिवाइस के माइक्रोफोन, कैमरा और जीपीएस को भी एक्सेस कर सकते हैं.

वॉट्सऐप के अलावा किन और ऐप को निशाना बना सकता है पैगेसस

वॉट्सऐप के अलावा और भी कई ऐसी ऐप हैं, जिस पर पैगेसस अटैक हो सकता है. इनमें से कुछ प्रमुख ऐप ये हैं:

  • जीमेल
  • फेसबुक
  • टेलीग्राम
  • वीचैट
  • वाइबर
  • स्काइप
  • श्योरस्पॉट
  • कैलेंडर
  • लाइन
  • टैंगो
  • फेसटाइम

पैगेसस सिर्फ डिवाइस के अंदर रहता है और चुपचाप हैकर को जानकारी भेजता रहता है. ज्यादातर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्पाइवेयर से छुटकारा पाने का कोई तरीका नहीं है, सिवाय इसके कि आप अपना फोन ही बदल लें. यहां तक कि फोन को 'फैक्ट्री रीसेट' करने पर भी इस स्पाइवेयर से छुटकारा नहीं मिलता. हालांकि, ऐप और ऑपरेटिंग सिस्टम लगातार अपडेट करते रहने और मोबाइल सिक्योरिटी टूल्स का इस्तेमाल करने जैसी सावधानियां बरतकर इस स्पाइवेयर के हमले की आशंकाओं को कम किया जा सकता है.

ये भी देखें: पैगेसस क्या है, कैसे फोन पर करता है हमला?

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