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छोटे शहरों में कैसे दी जा रही वैक्सीन, मध्य प्रदेश से रिएलिटी चेक

वैक्सीन लगवाने को लेकर लोगों का क्या रुख है, स्वास्थ्य कर्मचारी किस तरह से काम कर रहे हैं?

Updated

वीडियो एडिटर- पुनीत भाटिया

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देशभर में दूसरे फेज का कोरोना वैक्सीनेशन चल रहा है जिसके तहत 45 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना का टीका दिया जा रहा है. वैक्सीनेशन के शुरुआती दौर में सिर्फ चुनिंदा केंद्रों जैसे जिला अस्पताल वगैरह पर ही वैक्सीन दी जा रही थी, लेकिन अब मोहल्लों और गांवों के स्तर पर भी वैक्सीनेशन हो रहा है. क्विंट मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचा और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया का जायजा लिया. वैक्सीन लगवाने को लेकर लोगों का क्या रुख है, स्वास्थ्य कर्मचारी किस तरह से काम कर रहे हैं? हमने इन सब बातों का हाल जानने की कोशिश की.

मध्य प्रदेश में 19 अप्रैल तक 74.4 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई राज्य के पास अभी भी 12.35 लाख वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं.

वैक्सीन लगवाने आए लोगों ने बताया कि वो वैक्सीन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं लेकिन उनके घर के आस-पड़ोस में वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम है. कई लोग बुखार आने, शरीर दर्द होने के डर की वजह से वैक्सीन लगवाने से झिझक रहे हैं.

वैक्सीन लगवाने आए मध्य प्रदेश के दमोह के ही रहने वाले मुकेश कुमार का कहना है कि-

वैक्सीन लेकर मुझे पूरा भरोसा है इसलिए मैं वैक्सीन लगवाने आया हूं. वैक्सीन को लेकर कई तरह की बातें होती है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. लोग भ्रम में ना पड़ें.
मुकेश कुमार, निवासी, दमोह
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वैक्सीन लगवाने आए घनश्याम को स्वास्थ्य कर्मचारी निधी जैन ने वैक्सीन का डोज दिया और करीब आधे घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा. इसके बाद हमसे बातचीत में घनश्याम ने बताया कि उन्हें वैक्सीन लगवाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई. ये किसी भी आम टीके जैसा अनुभव ही रहा.

वैक्सीन केंद्र पर टीका लगाने वाली स्वास्थ्य कर्मचारी निधि जैन का कहना है कि वैक्सीन केंद्र पर रोजाना करीब 100 से 150 लोगों को कोरोना का टीका दिया जा रहा है. वैक्सीन की गाइडलाइंस के मुताबिक लोगों को वैक्सीन दी जा रही है. उन्होंने बताया कि कई बार वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में झिझक रहती है. लेकिन वैक्सीन से अभी तक उन्होंने कोई मेजर शिकायत नहीं मिली है. कुछ लोगों को बुखार होने की शिकायत आती है, जिसके लिए वैक्सीन लगाने के साथ ही पैरासिटामॉल की दो गोलियां दी जाती है. साथ ही बताया जाता है कि बुखार अगर आए तो पैरासिटामॉल की टेबलेट खाना है.

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