टूलकिट केस में आरोपी बनीं निकिता जैकब कौन है?

दूसरों के लिए आवाज उठाती रही निकिता का टूलकिट केस में नाम

वीडियो एडिटर: संदीप सुमन

टूलकिट डॉक्यूमेंट केस में दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने निकिता जैकब का नाम लिया. पुलिस का कहना है कि टूलकिट को तैयार करने में निकिता भी शामिल हैं. निकिता एक वकील और क्लाइमेट एक्टिविस्ट हैं. इसके अलावा वो खाली समय में फोटोग्राफी, बेकिंग और ब्लॉगिंग करना पसंद करती हैं. वो 'ऐसे लोगों के लिए आवाज उठाती रही हैं, जो अपने लिए आवाज नहीं उठा सकते.'

वो एक क्लाइमेट एक्टिविस्ट हैं, जो कई मूवमेंट में अपनी शर्तों पर काम करती है और मदद के लिए अपने कानूनी ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल करती है. निकिता एक मुखर, आत्मविश्वासी वकील हैं और किसी राजनीतिक संगठन का हिस्सा नहीं हैं ”
निकिता जैकब की साथी  

निकिता जैकब एसके लीगल एसोसिएट्स में सीनियर एसोसिएट और तत्त्व लीगल में एसोसिएट के तौर पर काम कर चुकी हैं. वरिष्ठ वकील गिरीश गोडबोले के चैंबर में उन्होंने तीन साल से ज्यादा वक्त तक काम किया है.

वो 26वें यूनाइटेड नेशंस क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस पर काम करती हुईं कथित रूप से जागरुकता फैलाने में सक्रिय रही हैं. ये कॉन्फ्रेंस नवंबर 2021 में ग्लास्गो में होनी है. उनका काम एक्सपर्ट्स और एक्टिविस्ट्स को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी देना है.  
‘टूलकिट’ में दी गई जानकारी किसी भी तरह से दंगों या हिंसा को भड़काती नहीं है और ये केवल अलग-अलग सोर्स से ली गई जानकारी का इंफॉर्मेशन पैक है. कोई हथियार नहीं, कोई हिंसा नहीं, टूलकिट या हमारे किसी भी बातचीत में हिंसक किसी भी चीज का कोई जिक्र नहीं है.
निकिता जैकब ने दिल्ली पुलिस से कहा

दिल्ली पुलिस ने 15 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'जांच में सोशल मीडिया पर टूलकिट डॉक्यूमेंट के कई स्क्रीनशॉट मिले, जिसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लिया गया और इसके बाद 9 फरवरी को निकिता जैकब के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.' पुलिस ने दावा किया कि निकिता टूलकिट को तैयार करने वाली टीम की एक सदस्य हैं. दावा है कि निकिता जैकब के घर पर हुई छापेमारी में दो लैपटॉप और एक आईफोन सीज किया गया.

निकिता की प्रारंभिक जांच से पता चला कि उसने और उसके सहयोगियों, शांतनु और दिशा ने ‘टूलकिट’ गूगल डॉक्यूमेंट बनाया था. 11 जनवरी को खालिस्तान समर्थक संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक ज़ूम मीटिंग में निकिता और अन्य लोग शामिल हुए थे. जिसमें ग्लोबल डे ऑफ एक्शन के तौर-तरीकों पर काम किया गया था. उनके द्वारा तैयार किए गए डॉक्यूमेंट में अलगाववादी और खालिस्तानी सामग्री थी, जो लिंक और टेक्स्ट के माध्यम से इसमें शामिल थे.
दिल्ली पुलिस

पुलिस ने कहा, "निकिता जैकब से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने दिशा और शांतनू के साथ मिलकर टूलकिट डॉक्यूमेंट तैयार किया था. जिस ईमेल अकाउंट से टूलकिट बनाया गया था, वो शांतनु का था."

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