कामयाबी में कहां अटकते हैं रोड़े? राघव बहल और तापसी की खास बातचीत

‘मी, द चेंज’, एक ऐसा कैंपेन जो पूरे भारत में पहली बार वोट देने वाली महिला मतदाताओं के मुद्दों पर चर्चा कर रहा है.

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“अपने काम पर फोकस रहना चाहिए, मजबूत इरादा होना चाहिए या फिर समाज का सबसे फेवरेट सवाल 'लोग क्या कहेंगे' का सामना करने की बेहतर समझ होनी चाहिए!”

भारत में एक महिला को कामयाब होने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है? कितना संघर्ष करना पड़ता है?

फेसबुक और द क्विंट की खास पहल “Me, the Change” कार्यक्रम में अभिनेत्री तापसी पन्नू ने द क्विंट के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ राघव बहल के साथ इन सभी पहलुओं पर बातचीत की. तापसी ने इस कार्यक्रम में बताया कि भारत में एक महिला को कामयाबी की दहलीज तक पहुंचने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है.

क्विंट और फेसबुक ने मी, द चेंज लॉन्च किया है, एक ऐसा कैंपेन जो पूरे भारत में पहली बार वोट देने वाली महिला मतदाताओं के मुद्दों पर चर्चा कर रहा है.

अपनी पसंद की आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर अभिनेत्री बनने के सावल पर तापसी पन्नू ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने संघर्ष पर खुल कर बात की. एक्टर तापसी पन्नू के मुताबिक कामयाबी का सबसे अच्छा मंत्र "खुद पर यकीन करना" है.

उन्होंने कहा कि “वो जैसी हैं वैसी ही रहना चाहती हैं. महिलाएं अगर बेबाक, बिंदास हैं तो समाज को इससे दिक्कत नहीं होनी चाहिए. आखिर महिलाएं अपनी खुली सोच पर काबू क्यों रखें?”

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