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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) में अस्सी घाट काफी चर्चित जगह है. अस्सी घाट वैसे तो कई धार्मिक मान्यताओं के लिए भी मशहूर है लेकिन यहां के मनमोहक दृश्य अपने आप में वाराणसी की खूबसूरती समेटें हुए हैं. अस्सी घाट के इस सौन्दर्य में यहां चलने वाली नावों का बड़ा योगदान है और सालों से इन नावों को चला रहें मल्लाहों का भी. उत्तर प्रदेश चुनावों (Uttar Pradesh Elections) के बीच अपनी चुनावी यात्रा पर निकली क्विंट की टीम ने जानने की कोशिश की कि इन मल्लाहों का राजनैतिक रुझान इस बार किस ओर है.
वाराणसी के मल्लाह प्रमोद मांझी ने बताया कि वह बीजेपी के बेहद कटटर समर्थक रहें हैं. लेकिन एकाकक लॉकडाउन लगाने, वाराणसी में अस्सी घाट और उसके आस-पास क्रूज चलने और लॉकडाउन में उनकी अनदेखी के चलते वह बीजेपी से बेहद नाराज है.
उनका कहना है की क्रूज के आने से उनकी आमदनी में काफी फर्क पड़ा है. उन्होंने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया लेकिन उन्हें क्रूज को तीन महीनें में हटाने का झूठा आश्वासन दिया गया. आज 3 साल हो गए क्रूज हटने की जगह और बढ़ गए.
बताया गया कि कुछ मल्लाहों ने लॉकडाउन में कर्ज भी लिया. कुछ ने बताया की तमाम मुश्किलों का सामना करने के बाद भी वो आज भी नरेंद्र मोदी के साथ हैं. कुछ मल्लाहों का कहना है कि वह हिंदुत्व के मुद्दे पर बीजेपी के साथ हैं. वह धर्म के प्रति समर्पित लोग है इसलिए तमाम मुश्किलों का सामना और नाराजगी के बाद भी वह नरेंद्र मोदी और बीजेपी के साथ हैं. देखिये बनारस से क्विंट की यह खास रिपोर्ट.
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