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सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया के लिए यदि उचित कीमत नहीं मिलती है, तो सरकार शायद इसे नहीं बेचेगी. सिविल एविएशन सेक्रेटरी आर एन चौबे ने मंगलवार को ये बात कही है.
एविएशन सेक्रेटरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार के पास ये अधिकार है कि वह एयर इंडिया को बेचे या नहीं. यदि बोली की कीमत उचित नहीं होती है तो सरकार इसे नहीं बेचने का फैसला कर सकती है. हालांकि इसके साथ ही चौबे ने भरौसा जताया कि एयर इंडिया के लिए अच्छी कीमत मिलेगी.
एयर इंडिया के लिए इंडिकेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) भेजने की आखिरी तारीख 31 मई है. चौबे ने बताया कि आग्रह प्रस्ताव (आरएफपी) 15 जून के बाद जारी किया जाएगा. उन्होंने बताया कि एयरलाइन के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाले का नाम अगस्त के अंत तक पता चलेगा. हालांकि यह भी हो सकता है कि सबसे ऊंची बोली लगाने वाला सफल बोलीदाता नहीं हो.
एयर इंडिया की बिक्री को लेकर कर्मचारी यूनियनों के विरोध पर चौबे ने कहा कि उन्हें ये मालूम है कि दुनियाभर में एयरलाइंस ने निजीकरण के बाद अच्छा प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि विनिवेश के बाद एयरइंडिया में सरकार 24 फीसदी हिस्सेदारी के साथ अल्पांश (माइनॉरिटी) शेयरधारक रहेगी.
(फोटो: PTI)
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