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दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के सीनियर डॉक्टर जे एन पांडे की कोरोना वायरस से मौत हो गई. उन्होंने 23 मई को दिल्ली में अपने घर में आखिरी सांस ली. पांडे की उम्र 78 साल थी. वो पल्मोनोलॉजिस्ट थे और वो एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रमुख भी रह चुके थे.
AIIMS के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि 19 मई को डॉ पांडे और उनकी पत्नी का कोरोना वायरस का टेस्ट पॉजिटिव आया था. दोनों में माइल्ड लक्ष्ण थे और वो होम आइसोलेशन में थे.
AIIMS अस्पताल ने पांडे की मौत पर कहा, “पांडे अपने घर पर देखरेख में थे और वो ठीक होते भी नजर आ रहे थे. ऐसा लग रहा है कि मौत, दिल का दौरा पड़ने के चलते हुई होगी. उनके परिवार और उन सभी के प्रति हमारी गहरी संवदेनाएं हैं.”
दिल्ली की एक सीनियर डॉक्टर और अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज की ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता रेड्डी ने ट्वीट में लिखा, “यह सुनकर बेहद दुख हुआ कि आज COVID-19 ने दिल्ली के एम्स में पल्मोनोलॉजी के प्रोफेसर और डायरेक्टर डॉ. जे.एन.पांडे को अपना शिकार बना लिया है. वो मेडिकल वर्ल्ड में काफी चर्चित और एक निष्ठावान हस्ती थे. पल्मोनोलॉजी के क्षेत्र में उनके किए गए काम से कई लोगों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. उनके परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.”
पल्मोनोलॉजी मेडिसिन के क्षेत्र का वह हिस्सा है, जिसमें रेसपिरेटरी सिस्टम का इलाज किया जाता है.
भारत में कोरोना वायरस से अब तक 3867 लोगों की मौत हो गई है. देश में COVID-19 के केस बढ़कर 1 लाख 31 हजार पार कर गए हैं. वहीं, दुनियाभर में कोरोना वायरस के 53 लाख से ज्यादा केस हैं. अब तक पूरी दुनिया में 3 लाख 42 हजार से ज्यादा लोगों की जान इस वायरस के कारण जा चुकी है.
(IANS के इनपुट्स के साथ)
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