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ब्रिटेन की एक कोर्ट ने शुक्रवार को पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि भगोड़ा हीरा कारोबारी सरेंडर नहीं करेगा.
इससे पहले नीरव मोदी (48) दूसरी बार जमानत की याचिका लेकर वेस्टमिंस्टर की मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश हुआ. नीरव मोदी ने अदालत में पहली बार पेशी की तरह इस बार भी सफेद कमीज पहनी हुई थी.
पंजाब नेशनल बैंक के 13,500 करोड़ रुपये के कर्ज की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी नीरव मोदी को पिछले सप्ताह लंदन में गिरफ्तार किया गया था.
ये खबर इंग्लिश में यहां पढ़ें- Nirav Modi Arrested in London, To Be Produced in Court: ED
13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले का नीरव मोदी मुख्य आरोपी है. इंटरपोल ने पिछले साल जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अपील पर नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था. नीरव मोदी का पासपोर्ट रद्द किया जा चुका है. इसके बावजूद वह लगातार विदेश यात्राएं किए जा रहा है. सीबीआई ने इंटरपोल के सभी 190 देशों को नीरव मोदी को रोकने के बारे में चिट्ठी लिखी थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी के पास 6 पासपोर्ट हैं, जिनमें कम से कम तीन भारतीय हैं.
ये भी देखें: नीरव मोदी के 6 पासपोर्ट का राज
नीरव मोदी को Holborn मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है. उसेे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. भारतीय एजेंसियां नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हुई हैं. ऐसे में गिरफ्तारी को बड़ा कदम माना जा रहा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि बीजेपी ने नीरव मोदी को देश से भगाने का काम किया है. अब चुनाव के लिए उसे वापस लाने की कोशिश हो रही है, बाद में फिर उसे भेज दिया जाएगा.
ED के सूत्रों की मुताबिक, PMLA कोर्ट ने एजेंसी को नीरव मोदी की 173 पेंटिंग्स और 11 कारों की नीलामी की इजाजत दे दी है.
नीरव मोदी को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश किया गया, अब अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी
नीरव मोदी की जमानत अर्जी वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने खारिज कर दी है. अब वो 29 मार्च तक कस्टडी में ही रहेगा.
पिछले कुछ सालों से भारतीय बैंकों को चूना लगाने वालों की तादाद काफी ज्यादा बढ़ी है. विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जैसे कई लोग हजारों करोड़ रुपये डकारकर विदेशों में जाकर आलीशान जिंदगी जीते हैं और भारतीय एजेंसियों को उन्हें वापस लाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे ही भगोड़ों को देश में वापस लाए जाने के लिए प्रत्यर्पण (extradition) शब्द का इस्तेमाल किया जाता है.
कई बार आपने इस शब्द को टीवी, अखबारों या फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पढ़ा होगा. हम आपको बता रहे हैं क्या होता है प्रत्यर्पण और किस तरह किसी आरोपी को देश में वापस लाया जाता है. जानिए प्रत्यर्पण से जुड़ी हर बात यहां जानिए.
विदेशों से कैसे लाए जाते हैं भगोड़े, आखिर क्या होता है प्रत्यर्पण
नीरव मोदी को वैंड्सवर्थ की एचएम जेल भेजा गया है. जमानत याचिका खारीज होने के बाद नीरव मोदी को 29 मार्च तक कस्टडी में रखा गया है.
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में लंदन के कोर्ट में सुनवाई शाम 4.30 बजे शुरू होगी. नीरव मोदी के वकील कोर्ट में पहुंच चुके हैं. उधर, भारत की ओर से सीबीआई और ईडी की टीमें भी वेस्टमिंस्टर कोर्ट पहुंच चुकी हैं.
नीरव मोदी लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट पहुंच गया है. आज उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी. सीबीआई और ईडी की टीम भी कोर्ट में मौजूद है.
लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में भारतीय अधिकारियों की ओर से पैरवी करने वाले टोबी कैडमैन ने कहा है कि अगर नीरव मोदी को जमानत मिल जाती है तो वह इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे.
भारतीय अधिकारियों की ओर से पैरवी करने वाले टोबी कैडमैन ने लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट से कहा है, ‘नीरव मोदी भारतीय जांच एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं कर रहा है. वह देश छोड़कर भाग सकता है. ऐसे में संभव है कि वह गवाहों को प्रभावित करे और सबूतों को नष्ट कर दे.’
कोर्ट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील टोबी कैडमैन ने कहा, नीरव ने एक गवाह को फोन करके जान से मारने की धमकी दी.
इससे पहले भारतीय प्राधिकरण की ओर से दलील पेश करते हुए क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा कि नीरव मोदी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उसके भागने की आशंकाएं हैं. यहां तक कि उसने अपने धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों के गवाहों को जान से मारने की भी धमकी दी है.
सीपीएस बैरिस्टर टोबी कैडमैन ने जज से कहा, इस बात की काफी संभावना है कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का प्रमुख अभियुक्त भाग सकता है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है. नीरव मोदी घोटाले से जुड़ी राशि एक से दो अरब डॉलर है.
नीरव मोदी के सबूतों से छेड़छाड़ का उदाहरण देते हुए सीपीएस बैरिस्टर ने बताया कि एक गवाह आशीष लाड को उसने फोन पर जान से मारने की धमकी दी और झूठी गवाही देने पर 20 लाख रुपये देने की पेशकश की.
बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बथनॉट ने कहा कि नीरव मोदी द्वारा वानूआतू की नागरिकता हासिल करने का प्रयास यह दर्शाता है कि वह महत्वपूर्ण समय के दौरान भारत से दूर जाना चाहता है.
कोर्ट ने कहा, ‘‘इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि वह सरेंडर नहीं करेगा.’’ कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 26 अप्रैल तय की है.’’
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