इंतिख़ाब: उर्दू शायरी और चुनी गई चीजों की ताकत

सुनिए पॉडकास्ट और समझिए इंतिखाब का मतलब

Published
पॉडकास्ट
1 min read
 समझिए शायरों से इंतिख़ाब का मतलब 
i

इंतिखाब का मतलब होता है चुनाव या चयन. उर्दू के कई शायरों ने अपने इंतिखाब के बारे में लिखा है . इस इंतिखाब का सामना उन्हें कठोर विकल्पों के चलते करना पड़ा. खासकर तब, जब उन्होंने किसी को अपनी यादों में गहराई तक समेट रखा हो.

उदाहरण के लिए उर्दू के शायर मीर तकी मीर, अहमद शाह अब्दाली के आक्रमण के बाद दिल्ली से लखनऊ चले गए. वो अपने शहर दिल्ली को याद करते हुए कहते हैं कि ‘दुनिया में उसे कुलीनता’ के लिए चुना गया है. मीर लिखते हैं-

दिल्ली जो एक शहर था आलम में इंतिख़ाब

रहते थे जहां मुंतख़िब ही रोजगार के

उर्दूनामा के इस एपिसोड में फाबेहा न सिर्फ इस अशर का मतलब समझाती हैं, बल्कि व्यक्तिगत से राजनीतिक तक की पृष्ठभूमि में शायरों द्वारा इस्तेमाल किए गए इंतिख़ाब शब्द को समझाती हैं.

फोटो: EXIT POLL पर बोले मनोज तिवारी- BJP 48 सीट जीतेगी,न देना EVM को दोष

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!