लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में बड़ा सियासी हलचल देखने को मिला है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी कैबिनेट के साथ सामूहिक इस्तीफा राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को सौंप दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य में बीजेपी-जेजीपी गठबंधन टूट सकता है.
वहीं, मंगलवार (12 मार्च) को ही नई सरकार का शपथग्रहण समारोह होने की संभावना है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री के सवाल पर बीजेपी नेता कंवर पाल गुज्जर ने कहा, " हमारे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे."
इधर, पूरे सियासी घटनाक्रम पर पृथला के निर्दलीय विधायक नयन पाल रावत ने कहा, "मुझे आभास हुआ कि JJP से गठबंधन तोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है. जल्द ही JJP से निजात मिल जाएगी."
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात हुई है.
बीजेपी को समर्थन देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि "पहले ही हमने बिना शर्त के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार को समर्थन दे रखा है. इसी पर आज चर्चा हुई है, साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर भी मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है."
उन्होंने कहा कि BJP को हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए.
विपक्ष ने क्या कहा?
दिल्ली में मीडिया से बात करत हुए कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुडा ने कहा, "हरियाणा में जो हो रहा है वो इसलिए हो रहा है क्योंकि जनता ने परिवर्तन लाने का मन बना लिया है. राज्य में मौजूदा सरकार से जनता परेशान है. हरियाणा में बदलाव तय है. हम घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हैं."
हरियाणा AAP के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा, "उनका गठबंधन एक भ्रष्ट और अप्राकृतिक गठबंधन था. व्यवसायियों में भय का माहौल है, जगह-जगह गोलियां चल रही हैं. अब वे (बीजेपी और जेजेपी) इस गठबंधन को तोड़ने का नाटक कर रहे हैं. हालांकि, इससे कुछ नहीं बदलेगा क्योंकि हरियाणा की जनता इस गठबंधन को बदलना चाहती है."
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