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भारत में बैन PM मोदी पर BBC की डॉक्यूमेंट्री ऑस्ट्रेलियाई संसद में दिखाई जाएगी

PM Modi पर बनी BBC डॉक्यूमेंट्री को संसद के एक कमरे में दिखाया जाएगा जिसका आयोजन मानवाधिकार संगठनों ने किया है.

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जनवरी 2023 में रिलीज हुई बीबीसी डॉक्यूमेंट्री (BBC Documentary) इंडिया: द मोदी क्वेश्चन (India: The Modi Question) को कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद भवन में दिखाया जाना है. ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस डॉक्यूंमेंट्री को तब दिखाया जा रहा है जब प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं.

इस डॉक्यूमेंट्री को भारत में रीलीज होने के बाद ही बैन कर दिया गया था. इसे दो भागों में रीलीज किया गया था जिसमें 2002 के गुजरात दंगों (2002 Gujarat Riots) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की भूमिका को दिखाया गया है.

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पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस के साथ द्वीपक्षीय वार्ता करेंगे साथ ही वहां के कई बिजनेसमैन से भी मुलाकात करेंगे.

इसके अलावा पीएम मोदी का पीएम अल्बनीस के साथ एक बड़ा इवेंट भी तय माना जा रहा है.

बता दें कि वहां की संसद में इस डॉक्यूमेंट्री का आयोजन कई एनजीओ द्वारा किया जा रहा है, जिसमें एमनेस्टी इंटरनेशनल, ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूजीलैंड चैप्टर्स ऑफ हिंदू फॉर ह्यूमन राइट, मुस्लिम कलेक्टिव, पेरियार-अंबेडकर थॉट सर्कल-ऑस्ट्रेलिया जैसे मानवाधिकार संगठनों का नाम शामिल है.

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डॉक्यूमेंट्री देखने के लिए कौन-कौन शामिल होगा?

ऑस्ट्रेलिया में इस डॉक्यूमेंट्री को दिखाए जाने के बाद 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद से गुजरात दंगों और भारत के बारे में चर्चा होगी. जेल में बंद गुजरात पुलिस अधिकारी संजीव भट्ट (जो मोदी के आलोचक रहे हैं) की बेटी आकाशी भट्ट और भारत में एमनेस्टी इंटरनेशनल के पूर्व प्रमुख आकार पटेल वक्ता होंगे.

ऑस्ट्रेलियाई सीनेटर डेविड शूब्रिज और जॉर्डन स्टील-जॉन स्क्रीनिंग में दर्शकों को संबोधित करेंगे. यह दोनों ऑस्ट्रेलियाई ग्रीन्स पार्टी के सदस्य हैं.

दोनों सांसद और उनकी डेप्यूटी नेता महरीन फारूकी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम से आग्रह किया कि, "प्रधानमंत्री मोदी से मानवाधिकारों के हनन के बारे में बात हो जिसकी वजह से कई अल्पसंख्यक समूहों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है."

बता दें कि, इस डॉक्यूमेंट्री को संसद के उस कमरे में दिखाया जाएगा जिसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों को भी किराए पर दिया जाता है.

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बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर क्या विवाद है?

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन को पिछले साल रीलीज किया गया था. दो भागों में रीलीज हुई इस डॉक्यूमेंट्री में मुख्य रूप से 2002 के गुजरात दंगों को कवर किया गया है, जिसमें एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे, हजारों घायल हुए थे और लाखों लोग विस्थापित हुए थे.

उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे.

डॉक्यूमेंट्री में पीएम मोदी के राजनीतिक जीवन को भी दिखाया गया है और उस समय हुई धार्मिक हिंसा में उनकी कथित भूमिका की आलोचना भी की गई है. डॉक्यूमेंट्री के रीलीज होते ही इसे भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था, सरकार ने यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इसे हटाने का आदेश दिया था.

केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने डॉक्यूमेंट्री को 'प्रोपोगैंडा' बताया और कहा कि इसमें निष्पक्षता की कमी है है और यह 'औपनिवेशिक मानसिकता' को दर्शाती है. भारत के विश्वविद्यालयों में भी इसे देखने पर रोक लगा दी गई थी.

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