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कपिल देव, तेंदुलकर, विराट कोहली...साउथ अफ्रीका में दिल जीतने वाली 5 पारियां

भारत साउथ अफ्रीका दौरे पर पहला टेस्ट 26 दिसंबर से सेंचुरियन में खेलेगा

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भारतीय क्रिकेट टीम ने वर्ष 2021 की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया में एक ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीतकर की थी और अब जब 2021 खत्म होने वाला है तो भारतीय टीम साउथ अफ्रीका (India Tour of South Africa) के दौरे पर है. 26 दिसंबर से सेंचुरियन में पहले टेस्ट के साथ भारत का साउथ अफ्रीका दौरा शुरू हो जाएगा.

भारत अब तक साउथ अफ्रीका में एक भी टेस्ट सीरीज जीत नहीं पाया है और पहली ट्रॉफी उठाने का इंतजार अभी भी कायम है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने साउथ अफ्रीका में ऐसी कई पारियां खेली हैं, जिन्हें याद किया जा सकता है.

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1992 में कपिल देव की धमाकेदार पारी से लेकर 1997 में राहुल द्रविड़ के पहले टेस्ट शतक तक और सचिन तेंदुलकर की महारत से लेकर विराट कोहली की प्रतिभा तक, भारतीय खिलाड़ियों ने साउथ अफ्रीका में कई यादगार पारियां खेली हैं.

1. कपिल देव- 1992/93

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहली टेस्ट सीरीज 1992/93 में हुई थी और हालांकि यह सीरीज मेजबानों के पक्ष में 1-0 से समाप्त हुई, लेकिन भारत ने शानदार प्रदर्शन किया. इस सीरीज में साउथ अफ्रीका केवल एक टेस्ट हारा था, जिसमें महान कपिल देव ने अब तक की सर्वश्रेष्ठ जवाबी पारियों में से एक खेला था. भारत के 27 रन पर पांच विकेट गिर चुके थे. इसके बाद कपिल ने 129 रनों की पारी के साथ 14 चौकों और एक छक्के के साथ इस मैच में लड़ाई लड़ी.

2. सचिन तेंदुलकर - 1996/97

1996/97 तक, तेंदुलकर ने पहले ही खुद को भारत की बल्लेबाजी में स्थापित कर लिया था. अगर 1992 के दौरे के दौरान वांडरर्स में उनका 111 रन काफी अच्छा था, तो उनके करियर का सार केप टाउन में उनके द्वारा बनाए गए जादूई रनों का उल्लेख किए बिना अधूरा रहता. पहली पारी में, भारत का स्कोर 58/5 था, इसके जब तेंदुलकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन एक साथ आए और केवल 40 ओवरों में 222 रन की ठोस साझेदारी की.

अजहरुद्दीन ने उस साझेदारी में प्रमुख हिस्सेदारी का योगदान दिया, तेंदुलकर ने छह घंटे के लंबे संघर्ष के दौरान 26 चौकों के साथ 169 रन बनाए और सुनिश्चित किया कि भारत पहले फॉलो-ऑन से बच जाए.

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3. मोहम्मद अजहरुद्दीन-1996/97

1997 के केप टाउन टेस्ट में तेंदुलकर की धमाकेदार बल्लेबाजी के चलते अजहरुद्दीन के शानदार 115 पर किसी का ध्यान नहीं गया, लेकिन ये भारत के पूर्व कप्तान का आक्रामक दृष्टिकोण था जिसने दक्षिण अफ्रीका को चौका दिया. डोनाल्ड, पोलक और क्लूजनर की तिकड़ी के खिलाफ, अजहरुद्दीन ने शानदार बल्लेबाजी की.

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4. विरेंद्र सहवाग- 2006/07

अपने टेस्ट डेव्यू पर नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए, वीरेंद्र सहवाग ने शॉन पोलक, नैंटी हेवर्ड, मखाया एनटिनी, जैक्स कैलिस और लांस क्लूजनर की दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी यूनिट के खिलाफ शानदार शतक बनाया (101) . सहवाग ने अपने आदर्श तेंदुलकर के साथ 220 रन की साझेदारी की, जिन्होंने भारत के लिए 155 रन बनाए.

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भारत मैच नौ विकेट से हार गया, लेकिन सहवाग के रूप में भविष्य के लिए एक खिलाड़ी मिल गया. विरोधियों का मानना ​​था कि सहवाग टेस्ट क्रिकेट के लिए नहीं बने थे, लेकिन इस पारी ने सबका मुंह बंद कर दिया.

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5. विराट कोहली- 2013/14

अगर पुजारा ने टेस्ट में द्रविड़ का स्थान लिया है तो कोहली नंबर 4 स्थान पर बल्लेबाजी करके महान तेंदुलकर की कमी को पूरा करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने 2013-14 में जोहानिसबर्ग टेस्ट की पहली पारी में शानदार 113 रनों के साथ सभी को भारतीय क्रिकेट के भविष्य की एक झलक दिखाई थी.

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