TAX प्लानिंग के लिए इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम क्यों है बेहतर?
क्या आप टैक्स बचाने वाले किसी निवेश विकल्प की तलाश में हैं?
क्या आप टैक्स बचाने वाले किसी निवेश विकल्प की तलाश में हैं?(फोटोः iStock)

TAX प्लानिंग के लिए इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम क्यों है बेहतर?

क्या आप टैक्स बचाने वाले किसी निवेश विकल्प की तलाश में हैं? क्या आप चाहते हैं कि आपका निवेश टैक्स बचाने के अलावा आपकी कमाई भी कराए? क्या आप ऐसा जरिया चाहते हैं, जिसमें आपको एक साथ मोटी रकम लगाने की जरूरत ना पड़े? अगर इन तीनों सवालों का जवाब हां है, तो फिर हम आपको एक ऐसा इन्वेस्टमेंट टूल बता रहे हैं जो आपकी तीनों इच्छाएं एक साथ पूरी कर सकता है.

ये इन्वेस्टमेंट टूल है इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम यानी ईएलएसएस.

क्या होती है इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम या ईएलएसएस म्युचुअल फंड की वैसी स्कीमें होती हैं, जिनका निवेश इक्विटी यानी शेयर बाजार में होता है. इसमें निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए पर टैक्स छूट मिलती है. यानी अगर आप 10 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में हैं, तो आप सालाना 15,000 रुपए की टैक्स छूट हासिल कर लेंगे. हालांकि ईएलएसएस में निवेश की कोई सीमा नहीं है. आप इसमें जितना चाहें उतना निवेश कर सकते हैं.

ईएलएसएस में कैसे कर सकते हैं निवेश

किसी सामान्य म्युचुअल फंड स्कीम की ही तरह आप ईएलएसएस में निवेश कर सकते हैं. इसमें भी आप अपनी इच्छा से डिविडेंड या ग्रोथ ऑप्शन चुन सकते हैं. आप किसी म्युचुअल फंड कंपनी की वेबसाइट पर जाकर सीधा निवेश कर सकते हैं, अपने ट्रेडिंग अकाउंट से इसे खरीद सकते हैं या फिर किसी म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए खरीद सकते हैं. इसमें म्युचुअल फंड की ही तरह एसआईपी यानी सिस्टैमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान का भी फायदा उठा सकते हैं.

टैक्स बचाने वाले दूसरे निवेश विकल्पों से क्यों बेहतर है ईएलएसएस

कई ऐसी वजहें हैं जो ईएलएसएस को टैक्स बचाने वाले दूसरे निवेश विकल्पों से बेहतर बनाती हैं.

1) सबसे कम लॉक इन पीरियड-

ईएलएसएस में लॉक इन पीरियड है 3 साल यानी आपका जमा पैसा आप 3 साल तक नहीं निकाल सकते. टैक्स बचाने वाले किसी भी दूसरे विकल्प में आपको कम से कम 5 साल का लॉक इन पीरियड मिलता है. (देखें ग्राफिक्स) इसका मतलब है कि ईएलएसएस में आपके निवेश की लिक्विडिटी बेहतर होती है.

ग्राफिक्सः शिवाजी दुबे/ द क्विंट)

2) सबसे बेहतर रिटर्न की उम्मीद

ईएलएसएस के पिछले 3 और 5 साल के रिटर्न देखें तो पता चलेगा कि ज्यादातर स्कीमों ने औसतन 15 फीसदी का रिटर्न दिया है. इतना ज्यादा रिटर्न आप किसी भी दूसरे टैक्स सेविंग ऑप्शन में हासिल नहीं कर सकते. वहां आप ज्यादा से ज्यादा 9 फीसदी रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं. हालांकि ये भी सच है कि ईएलएसएस में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, क्योंकि इसका परफॉर्मेंस शेयर बाजार की चाल से जुड़ा होता है. लेकिन अगर पिछले परफॉर्मेंस को आधार बनाएं तो आप ईएलएसएस पर लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न का भरोसा कर सकते हैं.

ग्राफिक्सः शिवाजी दुबे/ द क्विंट)

3) रिटर्न पर भी कोई टैक्स नहीं

टैक्स बचाने वाले कई विकल्पों में निवेश पर मिलने वाला रिटर्न टैक्सेबल होता है. यानी आप जब लॉक इन पीरियड खत्म होने के बाद अपनी निवेशित राशि निकालने जाते हैं, तो उसके रिटर्न पर आपको टैक्स देना होता है. इससे आपको मिलने वाला वास्तविक रिटर्न घट जाता है. ईएलएसएस में मैच्योरिटी के बाद आपका रिटर्न टैक्स फ्री होता है (देखें ग्राफिक्स). इसकी वजह से भी ईएलएसएस बेहद आकर्षक हो जाते हैं, क्योंकि वास्तविक रिटर्न इसी में सबसे ज्यादा मिलता है.

ग्राफिक्सः शिवाजी दुबे/ द क्विंट)

ये तीन वजहें ईएलएसएस का पलड़ा तो भारी करती ही हैं, साथ ही अगर आप लंबी अवधि के लिए भी इसमें निवेश करना चाहें तो ये आपके लिए मोटी रकम जुटाने का बढ़िया माध्यम बन सकता है. इसके लिए आपको ईएलएसएस का ग्रोथ ऑप्शन चुनना होगा. लेकिन अगर आप चाहते हैं कि ईएलएसएस में आपके निवेश पर डिविडेंड आता रहे तो आप डिविडेंड ऑप्शन चुनें. अच्छी बात ये है कि इस डिविडेंड पर भी आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा.

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