प्रोपेगेंडा फिल्म ‘Thackeray’ में नवाजुद्दीन की एक्टिंग जानदार है
 ‘ठाकरे’ एक स्मार्ट तरीके से बनाई गई प्रोपेगैंडा फिल्म हैं, जो साथ ही खतरनाक भी है
‘ठाकरे’ एक स्मार्ट तरीके से बनाई गई प्रोपेगैंडा फिल्म हैं, जो साथ ही खतरनाक भी है(फोटो: अरूप मिश्रा/Altered by The Quint)

Review: प्रोपेगेंडा फिल्म ‘Thackeray’ में नवाजुद्दीन की एक्टिंग जानदार है

इसे जरा सोचिए, बाल ठाकरे अपनी मीटिंग रूम में एक सिगार के साथ बैठे हैं. तभी दंगों में अपना सबकुछ गंवा चुका एक मुसलमान परिवार आता है और मदद की मांग करता है.

ठाकरे सोचते हैं, फिर उस व्यक्ति से पूछते हैं कि वो बार-बार अपनी घड़ी की तरफ क्यों देख रहा है. जब व्यक्ति बताता है कि उसके नमाज का वक्त हो गया है, तो ठाकरे उसे अपने घर में नमाज पढ़ने के लिए कहते हैं. परिवार चौंक जाता है.

फिर ठाकरे कहते हैं, "मुझे आपके धर्म से कोई शिकायत नहीं है, बस धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से है."

'ठाकरे' फिल्म शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे का बचाव करती है. ऐसी फिल्म, जहां उनकी छवि पर कोई भी दाग नहीं है. फिल्म के राइटर और प्रोड्यूसर संजय राउत खुद शिवसेना से सासंद हैं. फिल्म में बाल ठाकरे की छवि को साफ-सुथरा दिखाने की पूरी कोशिश की गई है.

हमें ये मान लेना चाहिए कि फिल्म में एक विवादित शख्स की छवि को एकदम साफ दिखाया गया है, लेकिन साथ ही फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने शानदार एक्टिंग की है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ठाकरे के रोल में एकदम जमे हैं. उन्होंने इस फिल्म में अपने करियर की बेस्ट परफॉर्मेंस दी है. इस प्रोपेगैंडा फिल्म में नवाजुद्दीन बेस्ट हैं.

ये भी पढ़ें : ‘ठाकरे’ पर बोले नवाज, हमें अपने हीरो में गलती देखना पसंद नहीं 

'ठाकरे' एक स्मार्ट तरीके से बनाई गई प्रोपेगैंडा फिल्म हैं, जो साथ ही खतरनाक भी है.

फिल्म में ठाकरे के फ्री प्रेस जर्नल के कार्टूनिस्ट से लेकर महाराष्ट्र के नेता बनने तक के सफर को दिखाया गया है. अमृता राव ने फिल्म में ठाकरे की पत्नी का रोल निभाया है, जो कि ठीक-ठाक है. इंदिरा गांधी के रोल में अवंतिका अक्रेकर एकदम कार्बन कॉपी लगी हैं.

'ठाकरे' आने वाले चुनावों में शिवसेना की मदद करने वाला एक प्लान है. लेकिन फिल्म को इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि नवाजुद्दीन ने अपनी एक्टिंग से रोल में जान डाल दी है.

मैं इस फिल्म को 5 में से 3 क्विंट दूंगी.

ये भी पढ़ें : ‘मणिकर्णिका’औसत,लेकिन रानी लक्ष्मीबाई के किरदार में कंगना बेमिसाल

(My रिपोर्ट डिबेट में हिस्सा लिजिए और जीतिए 10,000 रुपये. इस बार का हमारा सवाल है -भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कैसे सुधरेंगे: जादू की झप्पी या सर्जिकल स्ट्राइक? अपना लेख सबमिट करने के लिए यहां क्लिक करें)


Follow our मूवी रिव्यू section for more stories.

One in a Quintillion
सब्सक्राइब कीजिए
न्यूजलेटर
न्यूज और अन्य अपडेट्स

    वीडियो