जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग यानी प्राकृतिक खेती
जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग यानी प्राकृतिक खेती(फोटो: iStock)
  • 1. क्या है जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग?
  • 2. क्या है जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग का आधार?
  • 3. कैसे होती जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग ?
  • 4. क्या जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग का मतलब बिना लागत की खेती है?
  • 5. देश में जीरो बजट फार्मिंग कितना लोकप्रिय हो रहा है?
क्या है जीरो बजट फार्मिंग? जानिए,कैसे करेगी किसानों की आय दोगुना

मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोबारा करने का वादा एक बार फिर दोहराया है. पिछले दो-तीन साल के दौरान देशभर में किसानों के आंदोलन देखने को मिले. किसानों की सबसे बड़ी शिकायत ये है कि खेती की लागतें लगातार बढ़ती जा रही हैं लेकिन उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल रही है. रासायनिक खाद, कीटनाशक और बीज महंगे हो रहे हैं लेकिन सरकार उस हिसाब फसलों का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ा रही है और न ही उसकी ओर से ऐसी पुख्ता व्यवस्था हो रही है कि उसे खुले बाजार में फसलों की ज्यादा कीमत मिले.

सरकार का भी मानना है कि अगर किसानों की खेती की लागतें काबू में रखी जा सके तो ये समस्या सुलझ सकती है. इसके लिए उसने इस बार के बजट में जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने का ऐलान किया है. जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग क्या है? कैसे यह खेती-बाड़ी की लागतें कम कर सकती है. किस तरह यह सरकार और किसानों का मकसद साध सकती है, आइए जानते हैं.

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