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FAQ:12-14 साल के बच्चों को 16 मार्च से लगने वाली कोरोना वैक्सीन कितनी सुरक्षित?

भारत में अब 12 से 14 साल की उम्र वाले बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मंजूरी मिल गई है.

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बच्चों के लिए कोरोना वायरस से बचाव को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है. 16 मार्च 2022 से 12-14 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू होने जा रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी दी.

इससे पहले इसी साल जनवरी में सरकार ने 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाने की अनुमति दी थी.

12 से 14 वर्ष के आयु वर्ग को बायोलॉजिक ईएस कोर्बोवैक्स का टीका लगाया जाएगा. इस वैक्सीन को हैदराबाद की कंपनी जैविक इवांस ने तैयार किया है.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी ट्विटर पर दी. अपने ट्विटर थ्रेड में, स्वास्थ्य मंत्री, डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा, "CORBEVAX वैक्सीन COVID-19 के खिलाफ भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन है".

हम Corbevax COVID-19 वैक्सीन के बारे में क्या जानते हैं? मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग के पीडीऐट्रिक डायरेक्टर, डॉ पी.एस. नारंग ने आपके अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर यहां दिया है.

कॉर्बीवैक्स किस प्रकार का टीका है?

कॉर्बीवैक्स, कोवोवैक्स की तरह एक प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन है.

प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन तकनीक एक अपेक्षाकृत(relatively) आजमाई हुई और परीक्षण की गई तकनीक है. जिसमें वायरस के केवल उस हिस्से को पेश किया जाता है, जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर करने के लिए आवश्यक होता है.

वैक्सीन किस आयु के बच्चों को मिलेगी?

कॉर्बीवैक्स 12-14 वर्ष के बच्चों को दी जाएगी. इससे पहले इसी साल जनवरी में 15-18 वर्ष की आयु वाले बच्चों के लिए कोवैक्सिन लगाने की अनुमति दे दी गयी थी.

बच्चों को टीके की कितनी खुराक की आवश्यकता होगी?

कॉर्बीवैक्स दो खुराक वाला टीका है. पहली वैक्सीन लगने के 4 हफ्ते बाद दूसरी वैक्सीन दी जाएगी.

क्या ये वैक्सीन बच्चों के लिए सुरक्षित है?

बिल्कुल, इसका ट्राइयल बड़ों में न करके सीधे बच्चों पर किया गया है और हर तरह के टेस्ट पास करने के बाद इसे बच्चों में देने की स्वीकृति मिली है.

यह कब उपलब्ध होगा?

कॉर्बीवैक्स 16 मार्च 2022 से बच्चों के लिए उपलब्ध होगा.

क्या बच्चों को कोविड वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है?

ऐसा नहीं है. भारत में किसी भी आयु के लोगों को कोविड वैक्सीन लगवाना अनिवार्य नहीं है.

यह वैक्सीन किन बच्चों को लगवानी चाहिए?

यह वैक्सीन सभी बच्चों को लगवानी चाहिए. खास कर जो बच्चे किसी तरह की गंभीर बीमारी का शिकार हों. जिनको कोई रेस्प्रिटॉरी समस्या है, कार्डीऐक समस्या है, अस्थमा है या कोई भी गंभीर बीमारी उन्हें वैक्सीन जरुर लगवानी चाहिए.

किन बच्चों को ये वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?

सिर्फ एक हालात में ये नहीं लगवानी चाहिए वो है अगर इस या इसके जैसी ही दूसरी वैक्सीन से बच्चे को पहले कोई ऐलर्जी या रीऐक्शन हुआ हो तब.

अगर बच्चा कुछ दिनों पहले कोविड संक्रमित था तब क्या करें?

कोविड संक्रमण के 3 महीने बाद ये वैक्सीन जरुर लगवाएं. उससे पहले भी अगर लगवानी है, तो उसमें कोई समस्या नहीं है.

अगर बच्चे को सर्दी-खांसी, बुखार, दस्त या दूसरी परेशानी हो तब क्या करें?

ऐसे में तबियत सही होने का इंतजार करें या अपने डॉक्टर से परामर्श करें. मेरी समझ से थोड़ी बहुत सर्दी-खांसी में वैक्सीन लेने में कोई परेशानी नहीं है, पर बेहतर होगा डॉक्टर से एक बार सलाह कर लें.

वैक्सीन से पहले किसी तैयार की जरुरत है?

बिल्कुल नहीं.

वैक्सीन लगने के बाद क्या करना चाहिए?

कुछ अलग या खास नहीं. हर दिन वाले रूटीन से चलना चाहिए. बच्चे को हाइड्रेटेड रखें और नोर्मल रूटीन चलने दें.

वैक्सीन लगने के बाद किन बातों का रखें ख्याल?

कुछ खास ध्यान रखने जरुरत नहीं है. वैक्सीन सुरक्षित है. फिर भी वैक्सीन लगने के बाद वैक्सीन सेंटर पर आधा घंटा रुकें और सेंटर पर दिए गए हेल्पलाइन नम्बर को नोट कर लें. अगर वैक्सीन लगने के बाद किसी प्रकार की समस्या होती है, तो उस नम्बर पर जरुर संपर्क करने.

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वैक्सीन लगने के बाद बुखार आए तो क्या करें?

अगर बुखार आए तो एक पैरसीटमॉल कुछ खाना खिला कर खिला दें. पानी पर्याप्त मात्रा में पिलाएं.

क्या वैक्सीन लगवा कर बच्चा स्कूल जा सकता है?

हां, जा सकता है. बच्चा हर वो नोर्मल ऐक्टिविटी कर सकता है, जो वो हर दिन करता है.

किन परिस्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करें?

वैक्सीन लगने के बाद अगर बच्चे को तेज बुखार आए, हाथ पैर ठंडे हो रहे हों, उसका चेहरा पीला पड़ रहा हो या साँस लेने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.

Input- Dr P.S Narag, Director Pediatric Max Hospital

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