ADVERTISEMENTREMOVE AD

कपूर, अजवाइन और लौंग सूंघने से नहीं बढ़ता 'ऑक्सीजन' लेवल, गलत दावा

Published
Health News
3 min read
story-hero-img
i
छोटा
मध्यम
बड़ा
Hindi Female

सोशल मीडिया पर एक भ्रामक मैसेज वायरल हो रहा है कि कपूर, लौंग, अजवाइन पर यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें मिलाकर सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाने में मदद मिल सकती है. इस मैसेज के साथ एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें सफेद कपड़े पर ये सारी चीजें रखी दिखाई गई हैं.

इस तरह के दावे ऐसे समय वायरल हो रहे हैं, जब कोरोना की इस दूसरी लहर में देश के कई राज्य मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं.

हालांकि इस दावे को साबित करने के लिए कोई वैज्ञानिक सबूत मौजूद नहीं है. हमने चेस्ट स्पेशलिस्ट से भी बात की, जिन्होंने इस दावे को मिथ बताया है.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

दावा

इस वायरल मैसेज में इंग्लिश में लिखा है, "कपूर, लौंग, अजवाइन, यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालकर एक पोटली तैयार करें और इसे सूंघें. ये ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में मदद करता है. "

"ऐसी पोटली लद्दाख के यात्रियों को दी जाती है, जब ऑक्सीजन का लेवल कम होता है. कई एंबुलेंस में भी अब इसे रखा जा रहा है."

इस तरह का मैसेज फेसबुक और ट्विटर पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और यही मैसेज गुजराती में भी शेयर किया गया है.

हमारी WhatsApp टिपलाइन पर इस वायरल मैसेज से जुड़ी क्वेरी भी आई. ट्विटर और फेसबुक पर किए गए इस तरह के अन्य पोस्ट का आर्काइव आप यहां, यहां , यहां और यहां देख सकते हैं.

0

हमने क्या पाया

हमने कई रिसर्च पेपर्स देखे, ताकि ये पता लगा सकें कि मैसेज में बताई गई चीजें, जैसे कि लौंग और कपूर से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है या नहीं. लेकिन हमें ऐसी कोई रिसर्च नहीं मिली जो इस दावे को सच साबित करती हो.

हमने मुंबई के पल्मोनॉलजिस्ट और चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. आदित्य अग्रवाल से बात की. उन्होंने इस दावे को खारिज कर सिर्फ एक मिथ बताया.

डॉ. अग्रवाल ने क्विंट फिट से फोन पर हुई बातचीत में कहा ''ये एक मिथ है. कपूर सूंघने से ऑक्सीजन लेवल नहीं बढ़ता. कपूर से नाक की नली में जो रुकावटें होती हैं, वो साफ हो जाती हैं जिससे सांस लेने में दिक्कत नहीं होती.''

ADVERTISEMENT

यूनिवर्सिटी ऑफ सेज्‍ड की पब्लिश एक रिपोर्ट में कहा गया है, ''वॉलेंटियर्स ने जब कपूर की भाप ली तो नाक के अंदर होने वाला हवा का फ्लो बढ़ता हुआ महसूस हुआ. साथ ही नाक में ठंडक का एहसास भी हुआ. हालांकि हवा के फ्लो में नाक से होने वाली रुकावट पर इसका कोई असर नहीं हुआ.''

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक इंसान के लिए कपूर की दैनिक चिकित्सकीय खुराक करीब 1.43 मिलीग्राम है. इसमें ये भी बताया गया है कि ऐसे कई मामले रिकॉर्ड किए गए हैं, जब लोगों और विशेषकर बच्चों में मुख्य रूप से अचानक ली गई कपूर की खुराक से बेहोशी जैसी समस्या हुई है.

इसलिए ये दावा गलत है कि कपूर, लौंग और अजवाइन में यूकेलिप्टस के तेल की कुछ बूंदें मिलाकर सूंघने से ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है. अगर आप कपूर सूंघ रहे हैं तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि बाजार में उपलब्ध ज्यादातर कपूर सिंथेटिक हो सकते हैं और इससे आपको समस्या हो सकती है.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

(क्या कोई ऑनलाइन पोस्ट आपको गलत लग रही है और उसकी सच्चाई जानना चाहते हैं? उसकी डिटेल 9910181818 वॉट्सएप पर भेजें या webqoof@thequint.com पर मेल करें. हम उसकी सच्चाई आप तक पहुंचाएंगे.)

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

सत्ता से सच बोलने के लिए आप जैसे सहयोगियों की जरूरत होती है
मेंबर बनें
अधिक पढ़ें
ADVERTISEMENT
×
×