ADVERTISEMENTREMOVE AD

सेक्सॉल्व: ‘मेरी गर्लफ्रेंड मेरा शोषण करती है’

Published
story-hero-img
i
छोटा
मध्यम
बड़ा
Hindi Female

(चेतावनी: कुछ सवाल आपको विचलित कर सकते हैं. पाठक को पढ़ने से पहले विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.)

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का फिट पर सवाल-जवाब पर आधारित कॉलम है.

अगर आपके मन में सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़े कोई सवाल हैं, और आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें, और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

ADVERTISEMENTREMOVE AD

‘मेरी प्रेमिका मेरा शोषण करती है’

डियर रेनबोमैन,

मैं इस समय बहुत खराब मूड में हूं. मैं 22 साल का हूं और मेरी गर्लफ्रेंड मेरे साथ शोषण भरा बर्ताव कर रही है. जब उसे कुछ चाहिए होता है तो मुझसे बात करती है, लेकिन जब वह ठीक होती है और उसे किसी चीज की जरूरत नहीं होती, तो उसके लिए व्यावहारिक रूप से मेरा अस्तित्व ही नहीं होता. मैं बेहतर बर्ताव का हकदार हूं. मुझे मालूम है. लेकिन मैं उससे प्यार करता हूं, मैं उसके लिए चीजें खरीदता हूं, मैं उसके काम करता हूं. जब वह मुझसे दूर होती है, तब बहुत दूर होती है. इससे पहले कि वह मुझे बताए कि उसे ठंड लग रही है, मैं उसके लिए सर्दियों के गर्म कपड़े खरीद देता हूं. मैंने उसके लिए हर काम किया और हर चीज की. जब वह और मैं साथ रहते थे तो मैंने उसके कपड़े भी धोए. हालांकि, अब चीजें बहुत बदल चुकी हैं. वह अपने दोस्तों के साथ घूमती-फिरती है, और अचानक मुझसे बातचीत बंद कर देती है. जब वह और मैं एक दूसरे से बात करते हैं तो वह मुझे डांटती है और बेहद रुखाई से बात करती है. मैं उसके लिए बार-बार चीजें दुरुस्त करने की कोशिश करता हूं ताकि वह किसी दिन मेरी कद्र करेगी. हालांकि, वह मुझसे टिशू पेपर की तरह बर्ताव करती है- जिसकी जरूरत सिर्फ साफ-सफाई के लिए होती है. मैं सच में निराश हूं. मैं बहुत नाराज हूं. कृपया मेरी मदद करें... मुझे क्या करना चाहिए?

परेशान पुरुष

0

डियर परेशान पुरुष,

मुझे मेल लिखने के लिए शुक्रिया.

असल में कई बार लोगों को हमें इस्तेमाल किए जाने की सुविधा मुहैया करा हम खुद ही दूसरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने की आदत बना लेते हैं.

मैं जानता हूं आप उससे प्यार करते हैं. मुझे पता है कि आप उसे कई तरीकों से प्यार करते हैं, जो खूबसूरत बात है. लेकिन आप खुद से कितना प्यार करते हैं?

आपका दिल कितना टूटना गवारा कर सकता है, यह तभी पता चलेगा जब वो उस स्तर पर पहुंच कर टूट जाएगा.

आप काफी कोशिश कर चुके हैं. अब, यह आपके लिए रुक जाने का समय है और किस्मत पर छोड़ दें कि वो आपके प्यार को किस दिशा में ले जाती है. अगर आपको लगता है कि आपके लिए पूरी तरह पीछे हटना मुश्किल है, तो एक कदम पीछे ले जाएं और पूरी तस्वीर को देखें. शुरुआत में, उसके पूछने पर उसके लिए उपलब्ध हो जाने के बजाय पहले- आप से पूछने के लिए उसका इंतजार करें.

हम कई बार अपनी जिंदगी की बागडोर दूसरों को सौंप देते हैं और फिर कठपुतलियों की तरह बर्ताव किए जाने की शिकायत करते हैं.

क्या वह आपके साथ बुरा बर्ताव करती है? या आप उसे बुरा बर्ताव करने का मौका देते हैं? ये दोनों अलग-अलग सवाल हैं और इन पर सोचना आपके बहुत फायदेमंद होगा.

धैर्य सदगुण है. संयम सदगुण है. अगर दिल की गहराई से ऐसा इरादा है, तो अपने आप को मजबूत करें, लेकिन इतना जान लें कि हर चीज की इंतेहा होती है.

खुद को इतना लचीला न बनाएं कि उस बिंदु से लौटना मुमकिन न हो. खुद को समय और मौका दें.

शुभकामनाएं.

रेनबोमैन

अंतिम बात: प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार ... खुद को ज्यादा प्यार करें ज्यादा और ज्यादा और ज्यादा.

ADVERTISEMENT

‘मैं अपने प्राइवेट पार्ट से डिस्चार्ज को लेकर फिक्रमंद हूं’

“क्या मेरे साथ कुछ गड़बड़ है?”
(फोटो: iStock)

डियर रेनबोमैन,

मैं एक किशोर हूं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि आप मेरी मेल का जवाब देंगे. मेरे प्राइवेट पार्ट में एक अजीब समस्या है. हर बार सपनों के दौरान बहुत अधिक स्पिट करता है. मुझे समझ नहीं आ रहा कि अपनी बात कैसे समझाऊं. उम्मीद है कि आप मेरी बात समझ गए होंगे. कभी-कभी मेरा पूरा अंडरवियर स्पिट से भर जाता है और अंडरवियर वाशिंग मशीन में डालने में शर्म महसूस होती है. मेरे मां-बाप विदेश में रहते हैं और मैं अपने नाना-नानी के साथ रहता हूं. हमारी एक मौसी हैं जो कपड़े वॉशिंग मशीन में डालती हैं. मुझे डर है कि वह किसी दिन यह देख लेंगी और मुझसे इसके बारे में पूछेंगी. क्या यह स्पिट है या पस है? इसके बाहर आने से पहले मुझे बुरे सपने क्यों आते हैं? मैं बहुत उलझन में हूं. मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसा महसूस कर रहा हूं और आपसे ऐसे सवाल पूछ रहा हूं. क्या मेरे साथ कुछ गड़बड़ है? फिर, प्लीज मुझसे कुछ ना छिपाएं. क्या यह स्पिट नहीं बल्कि पस है? क्या मैं मर जाऊंगा? मुझे डर है कि मौसी बिल्डिंग में सबको और मेरे नाना-नानी को बता देंगी कि मेरे साथ क्या हो रहा है. मेरे एक दोस्त ने, जिसे मैंने यह बात बताई, उसने मुझे इस कॉलम के बारे में बताया और आपसे मदद लेने को कहा. मुझे आपकी यहां लिखी ज्यादातर बातें समझ में नहीं आईं... लेकिन फिर भी मैं आपको लिख रहा हूं, और उम्मीद करता हूं कि आप जवाब देंगे. मेरी जरूरत से ज्यादा उत्सुकता को माफ करें... मैं सचमुच उम्मीद करता हूं कि आप मेरी बात समझेंगे और जवाब देंगे. प्लीज.

नौजवान और स्मार्ट

ADVERTISEMENTREMOVE AD

डियर नौजवान और स्मार्ट

सबसे पहली बात, मुझे मेल लिखने के लिए शुक्रिया. और आपके दोस्त को भी शुक्रिया जिसने आपको मुझसे मिलाया.

आप अपनी शारीरिक क्रियाओं के बारे में जानने के लिए न तो बहुत युवा हैं और न ही बहुत उत्सुक.

तो चिल-मारें, रिलैक्स-करें और आगे पढ़ें.

उस अंग को जिसे आप अपना ‘प्राइवेट पार्ट’ बता रहे हैं, वह “पेनिस” है. ज्यादा आम जुबान में कहें तो पेनिस पुरुष के सेक्स की बाहरी पहचान है. पेनिस वह अंग है जिसके जरिये पेशाब या यूरीन बाहर निकलता है. जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, किशोरावस्था से कुछ साल पहले या इसके दौरान, हमें अपने शरीर में कुछ अजीब बदलावों का एहसास शुरू होता है. हमारा शरीर बड़ा हो जाता है, हमारी आवाज में कुछ अजीब बदलाव आ जाते हैं.

जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, तो हमें समझना होगा कि हमें किसी को प्यार के लिए पसंद करने, छूने, चूमने या इसके उलट किसी का प्यार पाने, छुए जाने या प्यार से चूमे जाने की ख्वाहिश के सपने आना स्वाभाविक है.

इस तरह के एहसास में कोई शर्म या कुछ अजीब नहीं है. जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, ये भावनाएं गहरी हो सकती हैं. इसी तरह, हमारा पेनिस भी बड़ा होता है, हमारी बगल में और पेनिस के चारों तरफ बाल उगते हैं, हम यह भी पाते हैं कि कई बार ऐसा है जब हमारा पेनिस कड़ा हो जाता है. कभी-कभी, अंडरवियर पहनने पर भी यह कड़ापन छिपाना मुश्किल हो जाता है. हम इसे अपने शरीर में और दूसरे लोगों में उभरा हुआ देख सकते हैं जिनके पास पेनिस है. फिर से दोहराता हूं कि इसमें परेशान होने की कोई बात नहीं है.

यह ढेर सारी नसीहतों के साथ थोड़ा शिक्षाप्रद लग सकता है. उम्मीद है कि इससे आपको मदद मिलेगी.

हम देख सकते हैं कि हमारे पेनिस के नीचे एक छोटी गठरी है. इस गठरी को “स्कोरटम (अंडकोश)” कहा जाता है. हम महसूस कर सकते हैं कि सेक्टोरम में छोटी गेंद जैसी दो संरचनाएं हैं – इन्हें “टेस्टिकल्स (अंड)” कहते हैं. टेस्टिकल्स लिक्विड बनाने में मदद करता है जो स्पिट (थूक) जैसा चिपचिपा होता है. इस लिक्विड को सीमन (वीर्य) कहा जाता है. हमारे शरीर से सीमन निकलने की प्रक्रिया को एजुकुलेशन (स्खलन) कहा जाता है.

सीमेन के हर इजेकुलेशन में हजारों स्पर्म (शुक्राणु ) होते हैं. हर रोज हजारों स्पर्म बनते हैं. उन्हें शरीर से बाहर निकलने का रास्ता खोजना पड़ता है. जब उन्हें “मास्टरबेशन” नाम की एक प्रक्रिया के माध्यम से इरादतन निकालने का रास्ता नहीं मिलता है, तो वे रास्ता खोजते हैं, जब हम गहरी नींद में सो रहे होते हैं. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है.

अब, “मास्टरबेशन” क्या है? जब हम किसी दूसरे इंसान के बारे में सोचते हुए स्पर्श के विचारों/ कल्पना के साथ अपने पेनिस को बार-बार हिलाते हैं, तो एक लम्हा ऐसा आता है जब हमारी कल्पना बहुत तीव्र हो जाती है और पेनिस से स्पर्म बाहर निकल जाते हैं.

और इस स्पर्म का काम क्या है? स्पर्म, जो कि पुरुष शरीर में पैदा होता है, जब महिला के शरीर में पैदा होने वाले एग्स से मिलता होता है, इसमें बच्चा बनाने की क्षमता होती है.

अब अनुभव और भावनाओं पर आते हैं. ये बुरी भावनाएं या बुरे ख्याल नहीं हैं. ऐसा बहुत से लोग महसूस करते हैं. यह स्वाभाविक है.
ADVERTISEMENT

यह ध्यान रखना जरूरी है कि लड़कियों, लड़कों या लोगों के प्रति, चाहे उनके शरीर के अंग जो हों कोई भी शख्स गहरी भावना के साथ, भावनात्मक या सेक्स की इन भावनाओं को महसूस कर सकता है. यह स्वाभाविक है. अगर आप किसी के प्रति गहराई से कोई भावना महसूस नहीं करते हैं तो यह भी स्वाभाविक है.

प्रकृति में मौजूद हर चीज प्राकृतिक है. आपकी भावनाएं प्राकृतिक हैं. आपका शरीर प्राकृतिक है. आपके शरीर द्वारा निर्मित स्पर्म प्राकृतिक हैं.

हम जैसे-जैसे बड़े होते हैं, प्यार और करीबी के इन विचारों को दूसरे इंसानों के साथ हकीकत में बदलने की ख्वाहिश महसूस कर सकते हैं. जब हम ऐसा करते हैं, तो हमें ध्यान रखना चाहिए कि पूरी क्रिया के दौरान दूसरे शख्स की सहमति संपूर्ण और लगातार होनी चाहिए. अगर वे अपनी सहमति वापस लेते हैं या सहमति बिल्कुल नहीं देते हैं, तो हमें उनके नजरिये का सम्मान करना चाहिए.

मुझे उम्मीद है कि आप समझ गए होंगे. अगर आप और ज्यादा जानना चाहते हैं, तो पूछने में संकोच न करें. क्या आपने इन बातों के बारे में अपने मां-बाप से बात करने की कोशिश की? हो सकता है कि इस बारे में उनसे बात करने के भी अच्छे नतीजे हों. अपने मां-बाप की रजामंदी से आप ऐसी वेबसाइटें भी खोज सकते हैं, जो आपके शरीर और शरीर की क्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में आपकी मदद कर सकती हैं. अगर मनोवैज्ञानिक से मिलना मुमकिन है, तो आप उनसे भी बात कर सकते हैं.

शुभकामनाएं.

आपको बहुत प्यार

रेनबोमैन

अंतिम बात: अपने विचारों को समझें, अपने काम को दुरुस्त करें.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

'क्या आप मुझे सेक्स पार्टनर से मिलवा सकते हैं?'

डियर रेनबोमैन,

क्या आप मुझे सेक्स पार्टनर से मिला सकते हैं? चूंकि आपके ढेर सारे दोस्त हैं, कोई अच्छा सा मुझसे मिलवा दीजिए.

सादर

बेताब

डियर बेताब,

नहीं.

नहीं

नहीं.

शुभकामनाएं.

रेनबो मैन.

अंतिम बात. नहीं.. बिल्कुल नहीं.

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

सत्ता से सच बोलने के लिए आप जैसे सहयोगियों की जरूरत होती है
मेंबर बनें
अधिक पढ़ें
ADVERTISEMENT
×
×