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वॉटरमेलन डाइट: वजन कम करने का अचूक नुस्खा, बड़े काम का तरबूज 

शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी होगी गायब

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वॉटरमेलन डाइट एक नए प्रकार का डाइट प्लान है, जो आजकल काफी लोकप्रिय हो रहा है. यह एक बहुत ही आसान और भरोसेमंद तरीका है वजन घटाने का. इसलिए इसका पॉपुलर होना स्वाभाविक है. गर्मियों में यह न केवल आपके शरीर की पानी की जरूरत को पूरा करता है, बल्कि तमाम अन्य न्यूट्रिएंट्स की जरूरत भी पूरी करता है.

दूसरी और डाइट्सक्रेज की तरह यह भी दावा करता है कि आपके शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी को जरूर कम कर देगा!

अब आप जानना चाहते होंगे कि क्या इसे आप भी अपना सकते हैं और क्या आपके लिए भी ये उतना ही पौष्टिक होगा? तो इस बारे में ये रही खास जानकारी.

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क्यों है तरबूज एक पौष्टिक आहार?

 शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी होगी गायब
तरबूज के लगातार सेवन करने से ब्लड प्रेशर के साथ साथ हृदय पर भी इसका अच्छा असर होता है.
(फोटो: Pixabay)

तरबूज में 92 फीसदी पानी की मात्रा पाई जाती है, जो किसी भी फल में सर्वाधिक है. इस कारण पानी की कमी को दूर करने के लिए सबसे उपयुक्त फल तरबूज है. इसके सेवन से पेट भरा हुआ महसूस होता है. इसमें कैलोरी की मात्रा भी कम है और यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है. साथ ही साथ इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर भी है.

यह आपके हृदय को भी बेहतर रखता है. इसमें विटामिन ए, पोटैशियम, लायकोपेंस के साथ साथ एल सिट्रुलिन नाम का एमिनो एसिड भी पाया जाता है. यह आपके ब्लड प्रेशर को कम रखने में मदद करता है.

अध्ययनों से पता चलता है कि तरबूज के लगातार सेवन करने से एओर्टिक ब्लड प्रेशर और अन्य वैस्कुलर पैरामीटर पर सकारात्मक प्रभाव होता है. ब्लड प्रेशर के साथ साथ हृदय पर भी इसका अच्छा असर होता है.

न्यूट्रिशनिस्ट (आहार विशेषज्ञ ) रुपाली दत्ता कहती हैं:

तरबूज में अच्छी ड्यूरेटिक क्वालिटी है. इसे गर्मियों में अन्य फलों के साथ लेना चाहिए. लेकिन पूरी तरह से अपनी भोजन आवश्यकताओं के लिए तरबूज पर निर्भर होना एक अच्छी चॉइस नहीं होगी.
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तरबूज डाइट के रूप में कैसे काम करता है?

 शरीर की एक्स्ट्रा चर्बी होगी गायब
तरबूज में विटामिन ए, पोटैशियम, लायकोपेंस के साथ साथ एल सिट्रुलिन नाम का एमिनो एसिड भी पाया जाता है.
(फोटो: Pixabay)

नेट पर कई प्रकार के डाइट प्लान उपलब्ध है.  लेकिन इन्हें मुख्य रूप से दो डाइट प्लान में बांटा जा सकता है: शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म.

शॉर्ट टर्म डाइट

इस प्रकार के डाइट में कुछ समय के लिए आप केवल तरबूज ही खाते हैं और कुछ नहीं. सामान्यतः यह समय 4 से 5 दिनों का होता है. उसके बाद आप अपने सामान्य खाने पर लौट आते हैं. इसे काफी असरकारक माना जाता है.

एक तो यह  कम समय के लिए होता है, साथ ही साथ इसका डिटॉक्स इफेक्ट बहुत अच्छा होता है. शॉर्ट टर्म डाइट में 4 से 5दिनों में 3 बड़े तरबूज खाये जाते हैं. तकरीबन 9 किलो के वजन के बराबर. उसके बाद आप अपने सामान्य खाने पर वापस आ सकते हैं.

लॉन्ग टर्म डाइट

लॉन्ग टर्म डाइट में शुरुआती 3 दिन तक आप सिर्फ तरबूज ही खाते हैं. उसके बाद आप अन्य खाद्य पदार्थो को भी अपने डाइट में शामिल करते जाते है. धीरे-धीरे आप अपने दो समय के खाने के बीच में तरबूज को नाश्ते के तौर पर लेना शुरू कर देते हैं. यह 6 से 10 दिनों तक चलता है. चूंकि अब आप पूरी तरह से तरबूज पर ही निर्भर नहीं है, इसलिए आप कुछ अन्य कम कैलोरी के खाद्य पदार्थ भी ले सकते हैं.

वॉटर मेलन डाइट के नुकसान

शुरुआत में यह डाइट पूरी तरह से तरबूज पर ही निर्भर होने के कारण शरीर को समुचित प्रोटीन नहीं मिल पाता है. इसीलिए आहार विशेषज्ञ इस डाइट को बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर लोगों के लिए ठीक नहीं मानते हैं.

इसी तरह लगातार 3 दिनों तक केवल तरबूज खाना कहीं से भी उचित नहीं है. इस कारण आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते. साथ ही साथ जैसे ही आप अपनी नार्मल डाइट पर वापस आते हैं, तो आपने जो वजन कम किया है उसे भी बरकरार नहीं रख पाते.

कम कैलोरी वाले डाइट लेने के कारण इसके खत्म होते ही आपको और ज्यादा खाने की इच्छा होती है, जो अंततः आपका वजन ही बढ़ाती है.

इस डाइट के साथ आप कोई वर्कआउट भी प्लान नहीं कर सकते, क्योंकि लो कैलोरी डाइट के कारण अगर आप किसी भी प्रकार का शारीरिक श्रम करते हैं, तो आप जल्दी ही थक जाते हैं.

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