World Health Day 2024: आज के जमाने में, हमें हेल्थ से जुड़ी हुई नई-नई बातें और रिसर्च की जानकारी मिल रही है. इसमें से एक खास बात ये है कि हमारी गट हेल्थ (Gut Health) और हमारी आंखों के बीच में एक गहरा संबंध होता है. हां, शायद यह सुनने में थोड़ा अजीब लगे, पर हमारे पाचन क्रिया सीधे हमारे विजन और आंखों की बीमारियों पर असर डालती है.
इस आर्टिकल में हम एक्सपर्ट्स से गट हेल्थ और आंखों के बीच के कनेक्शन को समझेंगे और ये देखेंगे कि हमारी पाचन की स्थिति हमारे विजन और आंखों की बीमारियों को किस तरह प्रभावित कर सकती है.
क्या है गट हेल्थ और आंखों के बीच का कनेक्शन?
हमारा पाचन तंत्र यानी गट जिसे कई बार हमारा दूसरा दिमाग भी कहा जाता है, का हमारे शरीर के बाकी हिस्सों से गहरा कनेक्शन होता है.
"हमारे आंत में अरबों बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारे इम्यून सिस्टम, हमारे मूड और यहां तक कि हमारे विजन पर भी असर डालते हैं."डॉ. रजनीश सिन्हा, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक, शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स
डॉ. रजनीश सिन्हा आगे कहते हैं कि वैज्ञानिक बताते हैं कि आंत के बैक्टीरिया विटामिन ए बनाने में मदद करते हैं, जो कि हमारी आंखों के लिए बहुत जरूरी होते हैं. विटामिन ए हमारी आंखों के रेटिना को ठीक से काम करने में मदद करता है और अंधेरे में देखने की हमारी क्षमता को बेहतर बनाते हैं.
साइंटिफिक रिसर्च बताते हैं कि हमारे आंत में मौजूद माइक्रोबायोम की डाइवर्सिटी और उनका बैलेंस हमारे विजन पर असर डाल सकता है.
"ये माइक्रोबायोम विटामिन ए को बनाने में मदद करते हैं, जो कि हमारी आंखों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है. विटामिन ए हमारी आंखों के रेटिना के सही कामकाज में बहुत अहम भूमिका निभाता है, जिससे रात में देखने की हमारी क्षमता और सामान्य विज़न में सुधार होता है."डॉ. रजनीश सिन्हा, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक, शार्प साईट आई हॉस्पिटल्स
कैसे खराब गट हेल्थ कमजोर विजन और आंखों की बीमारी का कारण बनता है?
गट हेल्थ हमारे शरीर के किसी भी हिस्से पर असर करता है. आंखों में खासकर असर तब होता है अगर हमारे डाइजेशन में कोई प्रॉब्लम हो, जिसके कारण हमारे अंदर विटामिन की कमी हो रही है. जैसे कि विटामिन ए, विटामिन डी. यह दो खास ऐसे विटामिन है, जिसका हमारी आंखों पर गहरा असर पड़ता है.
आंत की कुछ समस्याएं, जैसे कि इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), आंखों से जुड़े डिसऑर्डर्स से जुड़ी हुई होती हैं. ये कनेक्शन आंत में सूजन और इम्यून सिस्टम के रिएक्शन के जरिए होता है, जो आंखों में सूजन और दूसरे डिसऑर्डर का कारण बन सकता है.
"अल्सरटिव कोलाइटिस या इरिटेबल बाउल डिजीज में आंख की काली पुतली, आंख की सफेद पुतली का हिस्सा या आंख के पर्दे तीनों के अंदर सूजन आ सकती है और कम दिखाई दे सकता है. ऐसा भी हो सकता है कि आंखों से दिखना बिल्कुल ही बंद हो सकता है, एक तरह से आंख पूरी खत्म हो सकती है."डॉ. धीरज गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट- ऑप्थल्मोलॉजी, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल, गुरुग्राम
डॉ. रजनीश सिन्हा बताते हैं कि हमारे आंत के माइक्रोबायोम का असंतुलन सिर्फ पाचन संबंधी समस्याओं को ही नहीं, बल्कि मैक्युलर डिजेनेरेशन, ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसे आंखों के रोगों के विकास को भी प्रभावित कर सकता है.
"हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि हम जो डाइट ले रहे हैं वो हेल्दी रहे और हमारे अंदर ऐसी कोई बीमारी नहीं हो, जिसके कारण हमारे शरीर मे विटामिन बी 12, विटामिन डी, या विटामिन सी के एबॉर्शन में दिक्कत आए."डॉ. धीरज गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट- ऑप्थल्मोलॉजी, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल, गुरुग्राम
इन लक्षणों पर रखें नजर
एक्सपर्ट्स इन लक्षणों पर ध्यान देने कहते हैं:
आंखों में धुंधलापन छाना
आंखों का लाइट बर्दाश्त न कर पाना फिर चाहे वो सूरज की रौशनी हो या घर की लाइट हो
आंखों में पूरे दिन भारीपन रहना
अगर आपकी आंखों में ऐसा कुछ भी हो रहा है तो आप तुरंत ये समझ जाइए कि डॉक्टर से सलाह लेने का समय आ गया है.
"अगर आपके शरीर में विटामिन सी की कमी है, तो आंखों में खुश्की काफी आ सकती है इसलिए ये जरूरी है कि आप विटामिन ए और सी दोनों का अच्छी मात्रा में सेवन करें."डॉ. धीरज गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट- ऑप्थल्मोलॉजी, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल, गुरुग्राम
अपने गट हेल्थ को ऐसे सुधारें
1. प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक से भरपूर खाना खाएं: ये हमारे गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं, जो सीधे हमारी आंखों की सेहत को प्रभावित करता है.
2. फाइबर से भरपूर खाना खाएं: फाइबर हमारी पाचन प्रक्रिया को स्मूथ बनाता है और हमारे आंत की सेहत को सुधारता है, जिससे हमारी आंखों पर पड़ने वाले बुरे असर को कम किया जा सकता है.
3. विटामिन का सेवन करें: विटामिन ए, ई, और सी से भरपूर खाना न सिर्फ हमारे गट हेल्थ के लिए फायदेमंद है बल्कि हमारी आंखों की सेहत को भी सुधारता है.
4. नियमित व्यायाम करें: यह हमारे आंत की सेहत को बेहतर बनाने के साथ-साथ हमारी आंखों की सुरक्षा में भी मदद करता है.
5. स्ट्रेस को मैनेज करें: तनाव के कारण हमारे आंत में सूजन बढ़ सकती है, जो आखिर में हमारी आंखों पर भी असर डाल सकती है. इसलिए, ध्यान, योग और गहरी सांस लेने की प्रक्रियाओं जैसे स्ट्रेस मैनेजमेंट तरीकों को अपनाना चाहिए.
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