मंत्री के बेटे को फटकार लगाने वाली कॉन्सटेबल को लोगों का समर्थन

वीडियो वायरल होने के बाद सुनीता यादव के खिलाफ जांच बिठाई गई, जिसके बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया

Updated13 Jul 2020, 02:16 PM IST
सोशलबाजी
3 min read

गुजरात में विधायक के बेटे को लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने पर टोकने वाली महिला कॉन्सटेबल सुनीता यादव के समर्थन में कई लोगों ने आवाज उठाई है. इंडियन पुलिस फाउंडेशन (IPF) समेत कई नेताओं और सेलेब्स ने यादव को सपोर्ट किया है. सुनीता यादव ने सूरत में स्वास्थ्य मंत्री कुमार कनानी के बेटे, प्रकाश कनानी और उसके दोस्तों को नाइट कर्फ्यू में ड्राइविंग और मास्क नहीं पहनने को लेकर फटकार लगाई थी. वीडियो वायरल होने के बाद सुनीता यादव के खिलाफ जांच बिठाई गई, जिसके बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया.

IPF ने ट्विटर पर लिखा कि जब पुलिसकर्मी ने गरिमा के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन किया, ऐसे में उनके साथ खड़े होना उनके सुपरवाइजर की ड्यूटी है. IPF ने लिखा कि हर पुलिस अधिकारी भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेता है, बिना किसी डर या पक्षपात के कानून को सख्ती से लागू करने की शपथ लेता है.

IPF ने पूछा है कि क्या सीनियर और सिस्टम महिला कॉन्सटेबल को सपोर्ट करेंगे? या फिर वीवीआईपी का बोलबाला होगा? IPF ने कॉन्सटेबल की तारीफ करते हुए कहा कि उन जैसे अफसर इंटरनल पुलिस रिफॉर्म्स और ट्रांसफॉर्मेशन की उम्मीद हैं.

सुनीता यादव के समर्थन में नेता से लेकर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज तक उतर आए हैं. दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने महिला कॉन्सटेबल के लिए लिखा, "गुजरात में मंत्री का बिगड़ैल बेटा कर्फ्यू का उल्लंघन कर बिना मास्क घूम रहा था, कॉन्स्टेबल सुनीता यादव ने बिना किसी दबाव में आए अपनी ड्यूटी निभाई. इस कार्य के लिए उन्हें सम्मानित करना चाहिए था पर उन्हें पूरे प्रशासन के दबाव में इस्तीफा देना पड़ रहा है. शर्मनाक."

एक्टर स्वरा भास्कर ने कॉन्सटेबल के खिलाफ जांच पर गुजरात पुलिस से सवाल किया है. स्वरा ने लिखा, "अपना काम करने के लिए उन्हें प्रमोशन देना चाहिए था, लेकिन उन्हें फ्रस्टेशन में इस्तीफा देना पड़ा. क्या अपनी ड्यूटी करने के लिए पब्लिक सरवेंट को इस देश में ये इनाम मिलता है?"

क्या है पूरा मामला?

सुनीता यादव ने कोरोना लॉकडाउन आदेशों का उल्लंघन करने के लिए 8 जुलाई को नाइट कर्फ्यू के दौरान करीब दस बजे प्रकाश कनानी के दोस्तों को रोका था. इसके बाद दोस्तों ने प्रकाश कनानी को बुलाया, जो कथित तौर पर यादव से बहस करने लगा.

इस बहस के वीडियो और ऑडियो क्लिप वायरल हो गए. क्लिप में प्रकाश कनानी को यादव से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हम चाहें तो तुम्हें 365 दिन इसी जगह खड़ा रखवा सकते हैं.

प्रकाश कनानी और उसके दोस्तों को रविवार को गिरफ्तार किया गया. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.

मंत्री का कॉन्सटेबल पर आरोप

वहीं, मंत्री कुमार कनानी ने आरोप लगाया कि महिला कॉन्स्टेबल ने उनके बेटे के साथ बदतमीजी से बात की और इस रिकॉर्डिंग का केवल एक हिस्सा वायरल हुआ है. अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, कनानी ने कहा, "जो पब्लिक किया गया वो ऑडियो चार पार्ट में था, जहां उस हिस्से को डिलीट कर दिया गया जिसमें उन्होंने गलत भाषा का प्रयोग किया है. अब सच सबके सामने है जब पूरा वीडियो अब सामने आ गया है."

कनानी ने कहा कि यादव ने उनसे फोन पर बात की थी और उन्होंने महिला कॉन्सटेबल से कहा था कि वो कानूनी कार्रवाई करें, लेकिन गलत भाषा का प्रयोग न करें

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Published: 13 Jul 2020, 07:25 AM IST
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