‘अमेजन के लिए आंसू बहा चुकी मुंबई पुलिस आरे जंगल पर चुप क्यों?’

सोशल मीडिया यूजर्स आरे कॉलोनी मामले में मुंबई पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं.

Published
सोशलबाजी
2 min read
सोशल मीडिया यूजर्स आरे कॉलोनी मामले में मुंबई पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं.
i

सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक मुंबई की आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई का विरोध जारी है. मुंबई पुलिस ने पेड़ कटने के खिलाफ प्रदर्शन करने के मामले में कई लोगों को हिरासत में ले लिया है. इस घमासान के बीच अब मुंबई पुलिस का एक पुराना ट्वीट लोगों के निशाने पर आ गया है. सोशल मीडिया यूजर्स, आरे कॉलोनी मामले में मुंबई पुलिस की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं.

सोशल मीडिया पर यूजर्स सवाल कर रहे हैं कि क्‍या मुंबई पुलिस के लिए अमेजन के फॉरेस्ट अहम हैं और मुंबई की आरे कॉलोनी के पेड़ नहीं?

28 अगस्‍त को मुंबई पुलिस ने अमेजन फारेस्ट के खत्म होने को मानवता का नुकसान बताया था. मुंबई पुलिस ने #SaveAmazon और #SaveMotherEarth के साथ ट्वीट में लिखा था, "अमेजन के रेनफॉरेस्ट का नुकसान पूरी मानवता की क्षति है. देर होने से पहले आइए हम लोग ये प्रण लें कि अपने पर्यावरण और जीवों की रक्षा करेंगे." मुंबई पुलिस ने ये भी लिखा, 'अगर हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा? अगर अभी नहीं तो फिर कब?’

अब एक यूजर ने मुंबई पुलिस के उसी पुराने ट्वीट पर कमेंट करके सवाल किया, ‘अगर आप अमेजन का समर्थन करते हैं, तो आरे का क्यों नहीं? आरे फॉरेस्ट पर आपका ट्वीट कहां है?

एक दूसरे यूजर ने लिखा, “आरे फॉरेस्ट पर आपका कोई ट्वीट नहीं? अंधेरे में सैकड़ों पेड़ काटे गए. पेड़ काटने का विरोध कर रहे लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनका अपराध क्या था. क्या हमें पेड़ नहीं बचाने चाहिए? हर मिनट हम 7 पेड़ खो रहे हैं. 2.3 करोड़ लोगों की जनसंख्या पर सिर्फ 30 लाख पेड़ बचे हैं.”

‘पहले मुंबई में आरे के जंगल को बचाओ और फिर अमेजन फॉरेस्ट के बारे में चिंता करों’

‘आधी रात को पेड़ों को काटना भारतीय राजनीति, महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस के लिए शर्मनाक है’

क्या है आरे के जंगलों का विवाद

BMC की ट्री अथॉरिटी ने 29 अगस्त, 2019 को मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो 3 प्रोजेक्ट के लिए कार शेड बनाने की योजना को मंजूरी दी थी. इस शेड के लिए करीब 2600 पेड़ काटे जाने थे. तभी से इस प्रोजेक्ट का विरोध हो रहा है. आम लोगों से लेकर बॉलीवुड सितारे तक इस योजना का विरोध कर रहे हैं.

4 अक्टूबर को तमाम लोगों की उम्मीदों को झटका देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरे कॉलोनी को ‘जंगल’ घोषित करने की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया.

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!