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PCOS: गर्भधारण में आ रही मुश्किलों का क्या है इलाज?

आजकल महिलाओं में खास कर युवा लड़कियों में PCOS की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.

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PCOS: गर्भधारण में आ रही मुश्किलों का क्या है इलाज?
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आजकल महिलाओं में खास कर युवा लड़कियों में PCOS (Polycystic ovary syndrome) की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. PCOS बदलते लाइफस्टाइल के कारण हो सकता. कई महिलाओं को ये अनुवंशिक समस्या है.

मां बनने की चाहत रखने वाली कई महिलाएं PCOS के कारण गर्भधारण में असफल होती हैं. ऐसा क्यों होता हैं? उसके स्वरूप क्या हैं? ये जानने के लिए सबसे पहले PCOS के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है.

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PCOS क्या है?

पॉलीसिस्टिक ओव्हरीज सिंड्रोम (PCOS) महिलांओं में प्रजनन क्षमता की अंतःस्रावी समस्या है. आजकल 5-10% महिलाएं इस समस्या से परेशान हैं, जिन्हें गर्भवती होने में कठीनाई आती हैं.

PCOS एक मेडिकल समस्या हैं, जो महिलाओं में हार्मोन के लेवल को प्रभावित करती हैं. इससे अनियमित पीरियड्स, चेहरे और शरीर पर बालों का बढ़ना, मुंहासे, तथा ओवरी में सीस्ट यानी गर्भाशय के अंदर गाठ आना, जैसे लक्षण दिखते हैं.

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PCOS समस्याओं का कारण क्या हैं?

फिलहाल, इस परेशानी का असली कारण असल में बताया नहीं जा सकता, मात्र, ये समस्या अनुवंशिक और बदलते जीवनशैली के वजह से प्रभावित होने की आशंका बताए जाते हैं.

इस संदर्भ में एक अध्ययन के मुताबिक, PCOS से पीड़ित महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध अधिक होता है. जैसे-जैसे खून में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, गर्भाशय अधिक टेस्टोस्टेरोन छोड़ता है. ये अतिरिक्त टेस्टोस्टेरोन अनियमित मासिक धर्म और अनचाहे बालों के विकास का कारण बनता है.

कुछ महिलाओं में PCOS, शरीर में अन्य हार्मोन के असंतुलन के कारण होता है. हालांकि, PCOS का पुख्ता कारण हमें ज्ञात नहीं है, पर हम इसके विशिष्ट लक्षणों को जान सकते हैं.

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PCOS के लक्षण क्या है?

PCOS में अंड्रोजेन (पुरुष हार्मोन्स) के अतिरिक्त उत्पादन से दुष्परिणाम होता है. अगर आपको PCOS है, तो वजन बढ़ना, अनियमित मासिक धर्म, बालों का विकास, तथा मुंहासे जैसे लक्षण देखे जाएंगे.

अब जानते हैं कि PCOS प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित कर सकता है.

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PCOS और बांझपन:

PCOS का प्रजनन क्षमता पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. गर्भाशय में एस्ट्रोजेन की बढ़ती तादाद की वजह से महिलाओं में गर्भावस्था के लिए महत्वपूर्ण स्त्री बीज का उत्पादन नहीं हो पाता. अगर, नियमित रूप से स्त्री बीज ही नहीं बने, तो गर्भधारण करना नामुमकिन हैं.

  • अनियमित मासिक धर्म

  • टेस्टोस्टेरॉन जैसे हार्मोन्स बढ़ जाने से अंडे की गुणवत्ता कम हो जाती है

  • इंसुलिन स्तर प्रतिरोध समस्याओं में वृद्धि

  • इंसुलिन बढ़ने से मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है

PCOS के ये घटक प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं, तो वाकई में गर्भावस्था मुश्किल है?

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PCOS महिला क्या कभी मां बन सकती है?

इसका इलाज प्रजनन विशेषज्ञ द्वारा किया जा सकता है.

PCOS और इलाज:

PCOS का कोई इलाज नहीं है, लेकिन उचित देखभाल से इस समस्या को कम किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, वजन घटाने से PCOS के लक्षणों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है. साथ ही, कुटूंब नियोजन और एंटी-एंड्रोजन गोलियां लेने से PCOS के लक्षणों में सुधार हो सकता है.

अगर आप मां बनने की कोशिश कर रहीं हैं, तो PCOS उपचार में पहला कदम स्वस्थ आहार और व्यायाम के साथ अपने जीवनशैली में बदलाव लाना भी जरूरी है. खाने में कार्बोहाइड्रेट और ग्लाइसेमिक युक्त व्यंजन वजन घटाने के लिए हमेशा अच्छे होते हैं.

हफ्ते में तीन बार कम से कम 30 मिनट का व्यायाम शेड्यूल करें. हो सके तो रोजाना नियमित रूप से व्यायाम करने की कोशिश करें.

जीवनशैली में बदलाव करने के बाद भी अगर आपको गर्भाशय की समस्या है, तो आप किसी विशेषज्ञ की सलाह पर फर्टिलिटी दवाइयां ले सकती हैं. कुछ चुनिंदा एस्ट्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर दवाइयां प्रजनन के लिए उपलब्ध हैं.

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अगर दवा लेने से भी गर्भधारण नहीं होता है, तो डिंब को छोड़ने के लिए फर्टिलिटी इंजेक्शन की आवश्यकता होती है. हार्मोन, जो फर्टिलिटी इंजेक्शन में समान अनुपात में होते हैं, आपके दिमाग को गर्भाशय को ओव्यूलेट करने के लिए संकेत भेजते हैं.

प्रजनन चिकित्सक ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट के माध्यम से प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करते हैं. क्योंकि, ये परीक्षण उन्हें एस्ट्राडियोल स्तर (अंडाशय में उत्पादित हार्मोन) को रिकॉर्ड करने में मदद करते हैं. हालांकि, कभी-कभी फर्टिलिटी इंजेक्शन से कई बहुविध जन्मों की जोखिम बने रेहने का संभव होता हैं.

अगर उपरोक्त में से किसी भी उपचार के बाद भी गर्भावस्था नहीं होती है, तो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) उपलब्धी का उपयोग हो सकता है.

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PCOS के लिए IVF उपचार:

IVF में, डॉक्टर एक छोटी सी प्रक्रिया के माध्यम से अधिकतम प्रजनन बीज बनाने का इंजेक्शन देकर, संबंधित महिला के गर्भाशय से परिपक्व बीज निकाल लेते हैं.

इन बीजों को लैबोरेटरी में पकाया जाता है, जिसके बाद अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों को वापस गर्भाशय में छोड़ दिया जाता है. उपचार की इस पद्धति का उपयोग ये निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि गर्भावस्था हुई है या नहीं. साथ ही एम्ब्रियो फ्रीजिंग जैसी प्रक्रिया भी आप चुन सकते हो.

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PCOS अनुवांशिक हैं या नहीं, ये जानने के लिए क्या करना चाहिए?

पहले इसकी जांच कराएं और जल्द से जल्द इसका इलाज कराएं. डॉक्टर ये निर्धारित कर सकते हैं कि आपको PCOS है या नहीं. वे आपके मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक परीक्षण के माध्यम से जानकारी निकाल सकते हैं. इसके अलावा, आपके खून में हार्मोन के स्तर की जांच के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट भी करते हैं. इसके अलावा, डिम्बग्रंथी अल्सर जैसी समस्याओं की जांच के लिए स्कैन करने की सलाह भी दी जाती है.

अगर आप PCOS से पीड़ित हैं तो चिंता न करें. PCOS एक ऐसी स्थिति है, जिसका ठीक से इलाज किया जाता है, और PCOS वाली कई महिलाए मां बनी हैं, इसलिए सही इलाज से स्वस्थ गर्भधारणा संभव हैं.

(डॉ हृषिकेश पाई मुंबई के लीलावती अस्पताल, नवी मुंबई के डी वाई पाटिल अस्पताल, और दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ के फोर्टिस अस्पताल से जुड़े एक प्रमुख सलाहकार स्त्री रोग विशेषज्ञ और इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ हैं.)

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