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किसान आंदोलन:गर्मियों के लिए दिल्ली बॉर्डर पर ‘घर’ बनाने लगे किसान

गर्मी के मौसम को झेलने की किसान कर रहे तैयारी  

Updated

वीडियो एडिटर- दीप्ती रामदास

इनपुट एंड कैमरा- जसवीर सिंह

वीडियो प्रोड्यूसर- माज हसन

दिल्ली की कड़ाके की सर्दी को झेलने के बाद किसान प्रदर्शनस्थलों पर गर्मी से बचने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने अस्थायी शेल्टर बनाए हैं. किसान ईंट, बंबू, टिन और प्लाईवुड से इन्हें तैयार कर रहे हैं.

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कुछ दिनों पहले आए तूफान और बारिश से किसानों के बनाए शेल्टर्स को क्षति पहुंची है. किसानों का कहना है कि टिकरी बॉर्डर पर जो उन्होंने शेल्टर बनाए हैं वो हमेशा के लिए नहीं हैं और न ही उनसे सड़कों को कोई नुकसान हो रहा है.

“किसान प्रदर्शन को 110 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं. हमें नहीं पता ये और कब तक चलेगा. जितनी ट्रेक्टर और ट्रॉली आई थीं, उनमे से कुछ को वापस भेजना होगा क्योंकि खेती में उनकी जरूरत पड़ेगी.”
अनिल मलिक, किसान, हरियाणा

कुंडली पुलिस थाने में NHAI ने किसानों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. NHAI ने कहा है कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने सड़कों पर शेल्टर बनाए हैं. पुलिस ने दो FIR दर्ज कर ली है.

संयुक्त किसान मोर्चा की अपील के बाद किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर शेल्टर बनाना रोक दिया है.

“अगर कोई ये कहता है कि हमने सड़क घेर ली है और उसपर शेल्टर बनाए हैं, आप देख सकते हैं 100 मीटर दूर सरकार ने खुद सड़कें खोद दी और उसपर कंक्रीट की दीवारे बनाई हैं. किसानों ने वो हिस्सा छोड़ कर उसकी साइड में खाली जगह पर शेल्टर बनाए हैं.”
अनिल मलिक, किसान, हरियाणा 

मलिक कहते हैं, "सरकार को ये समझना होगा कि किसान सड़के अभी नहीं रोक रहा है और न ही उसे क्षति पहुंचा रहा है, हम यहां तब तक हैं जब तक सरकार 3 कानूनों को रद्द नहीं कर देती, ये तो टेम्पररी शेल्टर हैं, हट जाएंगे.”

(सभी 'माई रिपोर्ट' ब्रांडेड स्टोरिज सिटिजन रिपोर्टर द्वारा की जाती है जिसे क्विंट प्रस्तुत करता है. हालांकि, क्विंट प्रकाशन से पहले सभी पक्षों के दावों / आरोपों की जांच करता है. रिपोर्ट और ऊपर व्यक्त विचार सिटिजन रिपोर्टर के निजी विचार हैं. इसमें क्‍व‍िंट की सहमति होना जरूरी नहीं है.)

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