‘खूबसूरती को लेकर उम्र की परिभाषा बदलने की जरूरत’

मुंबई की गीता जे विज्ञापन की दुनिया में उम्रदराज मॉडल को जगह न देने के खिलाफ मुहिम चला रही हैं

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वीडियो एडिटर: संदीप सुमन

मुंबई की गीता जे विज्ञापन की दुनिया में उम्रदराज मॉडल को जगह न देने के खिलाफ मुहिम चला रही हैं. मॉडल का कहना है कि ब्रांड उनके पास आते हैं लेकिन उनकी उम्र के कारण उन्हें हायर नहीं करते.

उनका कहना है कि लोगों का ऐसा सोचना कि एक खास उम्र के बाद औरतें फैंसी ड्रेस नहीं पहन सकतीं, फैंसी लॉन्जरी नहीं पहन सकतीं, फिट नहीं रह सकती हैं ये गलत है. उम्रदराज शरीर भी शरीर ही है.

उनकी अपील 'एज नॉट केज' यानी 'उम्र कोई पिंजरा नहीं' पर लॉन्जरी इ-स्टोर जिवामी की नजर पड़ी.

मैंने अपने पेटिशन में जिवामी को इसलिए डिसीजन मेकर बनाया क्योंकि जिवामी इंडिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन लॉन्जरी स्टोर है. अगर आप लॉन्जरी के विज्ञापन में 40+ मॉडल को दिखाएंगे तो ये उम्र का बंधन हटाने का बहुत बड़ा कदम होगा. 
गीता जे, मॉडल

गीता का मानना है कि मीडिया की मदद से खूबसूरती को लेकर उम्र की परिभाषा बदल सकती है. हम बढ़ती उम्र को रोक नहीं सकते, उम्र बढ़ना प्राकृतिक है लेकिन हम उम्र को लेकर भेदभाव रोक सकते हैं .

(सभी 'माई रिपोर्ट' ब्रांडेड स्टोरिज सिटिजन रिपोर्टर द्वारा की जाती है जिसे क्विंट प्रस्तुत करता है. हालांकि, क्विंट प्रकाशन से पहले सभी पक्षों के दावों / आरोपों की जांच करता है. रिपोर्ट और ऊपर व्यक्त विचार सिटिजन रिपोर्टर के निजी विचार हैं. इसमें क्‍व‍िंट की सहमति होना जरूरी नहीं है.)

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