ADVERTISEMENTREMOVE AD

Amritpal Singh कौन? जो एक महीने से था फरार, 8 राज्यों में पुलिस कर रही थी तलाश

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "अमृतपाल ने आत्मसमर्पण कर दिया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया."

Updated
न्यूज
2 min read
story-hero-img
i
छोटा
मध्यम
बड़ा
Hindi Female

अलगाववादी नेता और 'वारिस पंजाब दे' प्रमुख अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. करीब 1 महीने से फरार चल रहे अमृतपाल सिंह को पंजाब के मोगा जिले से रविवार को गिरफ्तार किया गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "अमृतपाल ने आत्मसमर्पण कर दिया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया."

ADVERTISEMENTREMOVE AD

पंजाब के अमृतसर के अजनाला थाने के बाहर 23 फरवरी को 'वारिस पंजाब दे' (Waris Punjab De) के मुखिया अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने लाठी, डंडे और तलवार से हमला कर दिया था. पुलिस बैरिकेड्स तोड़ डाले. यह हंगामा अमृतपाल के करीबी सहयोगी तूफान सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने थाना घेरने के दौरान किया गया था. सिर्फ यही नहीं, अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने पंजाब पुलिस को धमकी भी दी कि अगर 24 घंटों के अंदर तूफान सिंह को नहीं छोड़ा तो आगे जो कुछ होगा उसका जिम्मेदार प्रशासन होगा. ऐसे में बताते हैं कि आखिर अमृतपाल सिंह कौन है?

0

क्या है वारिस पंजाब दे ? 

वारिस पंजाब दे का गठन अभिनेता और एक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने किया था. फरवरी 2022 में एक कथित दुर्घटना में उनकी मौत के बाद अमृतपाल सिंह ने इसका चार्ज संभाला. वारिस पंजाब दे का गठन दीप सिद्धू ने पंजाब के राजनैतिक और सामाजिक मुद्दों को मंच देने के लिए किया था.

कौन है अमृतपाल सिंह? 

1993 में जन्मे अमृतपाल सिंह संधू अमृतसर जिले की बाबा बकाला तहसील के जल्लूपुर खेड़ा गांव का रहने वाला है. 12 वीं तक पढ़ाई की है. 2012 में काम के लिए दुबई गया और वहां ट्रेवल एजेंसी में काम किया. 2022 में वारिस पंजाब दे को संभालने के लिए वापस आया.

अमृतपाल सिंह के आस-पास की सोशल मीडिया गतिविधि दिखाती है कि वह कम से कम पिछले पांच सालों से सिखों से संबंधित मुद्दों पर बोलते रहा है.

वह कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध का हिस्सा बन गया, खासकर दीप सिद्धू से जुड़े आंदोलन का हिस्सा.

शंभू बॉर्डर पर दीप सिद्धू के भाषणों के आधार पर, यह धड़ा किसान संघों से अलग था क्योंकि उनका मानना था कि कृषि कानूनों को निरस्त करने के साथ आंदोलन बंद नहीं होना चाहिए, बल्कि पंजाब में एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन की ओर ले जाना चाहिए.

जाहिर तौर पर अमृतपाल दीप सिद्धू से कभी नहीं मिले और दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए ही बातचीत की.

कई विवादों में फंसे अमृतपाल सिंह पर हाल ही में अपहरण, चोरी और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Published: 
सत्ता से सच बोलने के लिए आप जैसे सहयोगियों की जरूरत होती है
मेंबर बनें
अधिक पढ़ें
ADVERTISEMENT
×
×