ADVERTISEMENT

'आरक्षण मेरिट के विपरीत नहीं'-सुप्रीम कोर्ट ने NEET में 27% OBC कोटा बरकरार रखा

EWS रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट मार्च के तीसरे हफ्ते में विस्तार से सुनवाई करेगी.

Published
'आरक्षण मेरिट के विपरीत नहीं'-सुप्रीम कोर्ट ने NEET में 27% OBC कोटा बरकरार रखा
i

रोज का डोज

निडर, सच्ची, और असरदार खबरों के लिए

By subscribing you agree to our Privacy Policy

गुरुवार, 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण योग्यता के विपरीत नहीं है. कोर्ट ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम इन्ट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी और पीजी मेडिकल एडमिशन में ऑल इंडिया कोटा में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत कोटा को बरकरार रखा है.

7 जनवरी को, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और एएस बोपन्ना की बेंच ने एक आदेश में ओबीसी रिजर्वेशन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा था और अब मौजूदा एडमिशन प्रोसेस के लिए इस बात का ऐलान किया गया है.

ADVERTISEMENT

गुरुवार को सुनाए गए फैसले में बेंच ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं कुछ वर्गों के लिए आर्थिक सामाजिक लाभ को नहीं दर्शाती हैं. उस योग्यता को सामाजिक रूप से संदर्भित किया जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 15(4) और 15(5) वास्तविक समानता के पहलू हैं. प्रतियोगी परीक्षाएँ आर्थिक सामाजिक लाभ को नहीं रिफलेक्ट करती हैं. सभी तरह की योग्यताओं को सामाजिक रूप से प्रासंगिक बनाया जाना चाहिए. आरक्षण योग्यता के विपरीत नहीं है, लेकिन इसका वितरण प्रभाव को बढ़ाता है.

कोर्ट ने कहा कि NEET में ओबीसी को 27 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का केंद्र सरकार का फैसला सही है. ये दलीलें नहीं दी जा सकती कि खेलों के नियम तब बनाए गए जब एग्जाम की तारीखें तय कर ली गई थीं.

ADVERTISEMENT

कोर्ट ने कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए हॉस्पिटल्स में ज्यादा से ज्यादा डॉक्टरों के काम करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि एलिजिबिलिटी क्वालीफिकेशन में किसी भी बदलाव से एडमिशन प्रोसेस में देरी होगी.

ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट मार्च के तीसरे हफ्ते में विस्तार से सुनवाई करेगी.

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने NEET यूजी और पीजी एडमिशन में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण और ईडब्ल्यूएस श्रेणी को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाली मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की 29 जुलाई, 2021 की अधिसूचना को चुनौती दी थी.

पिछले दिनों केंद्र सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी, जिसमें पूर्व वित्त सचिव अजय भूषण पांडे, सदस्य सचिव आईसीएसएसआर वीके मल्होत्रा ​​और भारत सरकार के प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल शामिल थे.

ADVERTISEMENT

कमेटी ने पिछले साल 31 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए गुजारिश किया था कि 2019 से जारी 8 लाख रूपए की सीमा को बरकरार रखा जाए, लेकिन इसे लागू करने तरीके में कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया.

याचिकाकर्ताओं ने सिफारिश का विरोध करते हुए कहा कि रिपोर्ट इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार ने 2019 में ईडब्ल्यूएस के लिए 8 लाख रुपये की सीमा तय करने से पहले किसी भी तरह की स्टडी नहीं की थी.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

ADVERTISEMENT
सत्ता से सच बोलने के लिए आप जैसे सहयोगियों की जरूरत होती है
मेंबर बनें
450

500 10% off

1620

1800 10% off

4500

5000 10% off

or more

प्रीमियम

3 माह
12 माह
12 माह

गणतंत्र दिवस स्पेशल डिस्काउंट. सभी मेंबरशिप प्लान पर 10% की छूट

मेंबर बनने के फायदे
अधिक पढ़ें
ADVERTISEMENT
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!
ADVERTISEMENT
और खबरें
×
×