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बंगाल हिंसा: शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल धनखड़ अधिकारियों पर बरसे

धनखड़ ने कहा कि 'संकट के समय अधिकारियों ने जिम्मेदारी नहीं निभाई'

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भारत
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बंगाल हिंसा: शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल धनखड़ अधिकारियों पर बरसे
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10 मई को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी के मंत्रीमंडल को शपथ दिलाई. लेकिन शपथ दिलाने के कुछ ही देर बाद राज्यपाल ने चुनाव के बाद बंगाल में हुई हिंसा पर चिंता जताई और प्रशासन को कथित सुस्त कार्रवाई करने पर खरी-खरी सुनाई. राज्यपाल आने वाले वक्त में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा भी करने वाले हैं.

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राज्यपाल धनखड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि-

लोगों को अपने माताधिकार का प्रयोग करने की वजह से अपनी जान गंवाना पड़ रहा है. चुनावी नतीजों के बाद राज्य में जो हालात बने हैं वो चिंतित करने वाले हैं. मैं राज्य के उन हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा करने वाला हूं.
जगदीप धनखड़, राज्यपाल, पश्चिम बंगाल

'लोगों में भरोसा जगाए जाने की जरूरत'

राज्यपाल धनखड़ ने शपथ ग्रहण के बाद संबोधन में कहा- 'अब जरूरत है कि आप जमीनी हकीकत का सही संज्ञान लें. लोगों में भरोसा जगाएं. जिसने भी लोकतंत्र को कलंकित किया है उन पर केस दर्ज करें. जब मुझे इस बारे में रिपोर्ट मिलीं, मुझे बहुत चिंता हुई. राज्य प्रशासन की प्रतिक्रिया के बारे में मुझसे अच्छा कोई नहीं जानता. मुझे इस रवैए में किसी तरह की जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व नहीं दिखता है.'

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'अब तक मुझे रिपोर्ट फॉरवर्ड नहीं की गई'

मैंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वो अपने इलाके के बारे में रिपोर्ट दें. मैंने अतिरिक्त गृह सचिव को समन किया और इस माहौल से निपटने के लिए योजना पेश करने के लिए कहा. 3 मई को रिपोर्ट तैयार कर दी गई लेकिन मुझे वो अभी तक फॉरवर्ड नहीं की गई. मुझसे मिलने दो अधिकारी आए लेकिन तब उनके पास कोई जानकारी नहीं थी. इसका कोई कारण नहीं बताया गया कि मुझे रिपोर्ट क्यों नहीं फॉरवर्ड की गई.
जगदीप धनखड़, राज्यपाल, पश्चिम बंगाल

'ये कार्यप्रणाली संविधान के खिलाफ है'

धनखड़ ने कहा कि 'संकट के समय अधिकारियों का ये रवैया रहा. इस बात से आप अंदाजा लगा सकता है कि जिम्मेदारी का क्या हाल है. मैंने अधिकारियों से कहा कि बिना वक्त बर्बाद किए जो किया जाना चाहिए वो कीजिए. ये चुनाव के बाद होने वाली गंभीर हिंसा का मामला है. राज्य के संवैधानिक प्रमुख को कोई जानकारी नहीं दी जा रही. ये मेरे लिए बहुत कठिन है कि मैं कह सकूं कि बंगाल प्रशासन संविधान के अनुरूप चल रहा है. ये कार्यप्रणाली संविधान के खिलाफ है.'

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बता दें कि 2 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य से हिंसा की खबरें आईं. बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या की है. कई बीजेपी नेताओं ने इस मामले को धार्मिक रंग भी दिया. उनका कहना है कि ‘’बंगाल में हिंदुओं द्वारा मुस्लिमों को मारा जा रहा है’’

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