किस कदर दिल्ली में बढ़ा है ‘कोरोना’ का डर, ये संकेत बता रहे हैं

दिल्ली में एक बार फिर ‘कोरोना संकट’ गहराता नजर आ रहा है

Published
भारत
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दिल्ली में ‘कोरोना’ का खौफ कितना बड़ा है, 5 संकेत समझिए
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दिल्ली में एक बार फिर 'कोरोना संकट' गहराता नजर आ रहा है. पिछले कुछ दिनों से रोजाना करीब 7 हजार केस सामने आ रहे हैं. कुछ लोगों का मानना है कि दिल्ली में कोरोना वायरस की 'तीसरी वेव' आ चुकी है. बुधवार को दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमित मामलों की कुल संख्या 5 लाख पार कर गई है. 18 नवंबर को दिल्ली में कोविड-19 के 7,486 नए पॉजिटिव केस रिकॉर्ड किए गए. बढ़ते हुए कोरोना के मामलों को देखते हुए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने हाल ही में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, गृहमंत्री अमित शाह ने भी दिल्ली के लिए खास निर्देश दिए हैं. कुल मिलाकर दिल्ली में कोरोना वायरस की स्थिति कितनी विकराल है, उसे इन संकेतों के जरिए समझा जा सकता है.

कोरोना से 24 घंटे में हुईं मौतों में 22.39 फीसदी दिल्ली से

19 नवंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 585 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हुई, जिसमें से 131 दिल्ली से हैं. महाराष्ट्र इस क्रम में दूसरा है, जहां मृतकों की संख्या 100 है. ये 131 मौतें हर रोज के स्तर पर हताहतों की संख्या में अधिकता को दर्शाती हैं. गुरुवार को साझा की गई नई रिपोर्ट में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने खुलासा किया है कि पूरे भारत में पिछले 24 घंटे में दर्ज किए गए 585 हताहतों में से 79.49 फीसदी 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं, जिनमें दिल्ली टॉप पर है. दिल्ली में कोविड से अब तक कुल 7,943 मरीजों की मौत हो चुकी है. कुल 4,52,683 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं. यहां सक्रिय मामलों की संख्या 42,458 है.

डॉक्टरों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल(सीएपीएफ) के 45 डॉक्टर और 160 पैरामेडिक्स का एक समूह कोराना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार को मदद पहुंचाने राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुका है.गृह मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि दिल्ली में कोविड की स्थिति को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद उठाए गए कई कदमों के तहत, सीएपीएफ की 45 डॉक्टरों और 160 पैरामेडिक्स की टीम दिल्ली हवाईअड्डे के पास डीआरडीओ अस्पताल और छत्तरपुर में कोविड केयर सेंटर पहुंच चुकी है. बाकी डॉक्टर और मेडिक्स अगले कुछ दिनों में दिल्ली पहुंच जाएंगे. करीब 300 ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों को दिल्ली लाने की तैयारी है.

कोविड मृतकों से पटे श्मशान घाट, हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

इस बीच कोविड-19 से मौतों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सरकार से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने सरकार से कहा वो बताए कि वो स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है. कोर्ट ने कहा, "हमें बहुत निराशा होती है ये जानकर कि राष्ट्रीय राजधानी में मरने वालों की संख्या एक दिन में 131 तक पहुंच गई है. रात भर चिताएं जल रही हैं. श्मशान घाट मृतकों से भरा पड़ा है. क्या आप समझ रहे हैं क्या स्थिति है?"

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) काम नहीं कर रहा है. काफी बड़ी संख्या में बिना लक्षण वाले मरीज हैं. कोर्ट ने सरकार से कहा वो आरटी-पीसीआर टेस्टों की संख्या बढ़ाए.

मास्क पर जुर्माना, प्राइवेट अस्पतालों के 80% बेड आरक्षित

कोरोना के बढ़ते प्रकोप का ही असर है कि दिल्ली सरकार ने मास्क नहीं पहनने पर 2000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान लागू कर दिया है. पहले मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये का फाइन था. प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने दिल्ली के अस्पतालों में बेड्स की संख्या से लेकर सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व पर प्रतिबंध पर बात की.

दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों के 80 फीसदी आईसीयू बेड कोरोना रोगियों के लिए आरक्षित रखने का फैसला भी लिया है. दिल्ली में अभी कोरोना के लिए लगभग 7500 सामान्य और 446 आईसीयू बेड कोरोना रोगियों के लिए उपलब्ध हैं.पिछले हफ्ते कोर्ट की इजाजत के बाद लगभग 30-32 प्राईवेट अस्पतालों के 80 प्रतिशत आईसीयू बेड कोरोना के लिए चिन्हित कर लिए हैं. वहीं सरकार ने 90 प्राइवेट अस्पतालों को 60 फीसदी बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया है.

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